क्यों जाना जाता है बद्रीनाथ धाम को बेहद खास ?

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हिंदू धर्म में चार धाम यात्रा को सबसे महत्वपूर्ण बताया गया है। कहते हैं कि चार धाम के दर्शन करने से व्यक्ति की सारी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। शास्त्रों में चारों धामों में से बद्रीनाथ धाम को सबसे पवित्र माना गया है, क्योंकि यहां साक्षात भगवान विष्णु निवास करते हैं। हिंदू धर्म में ऐसा माना गया है कि चार धाम की यात्रा करने पर व्यक्ति को मोक्ष प्राप्त होता है। आज हम बद्रीनाथ धाम के बारे में कुछ रोचक बातों के बारे में बताएंगे।


यह पवित्र स्थान उत्तराखंड राज्य के अलकनंदा नदी के तट पर नर और नारायण नामक दो पर्वतों के बीच स्थित है। देश को एक सूत्र में बांधने के लिए आदि गुरु शंकराचार्य के द्वारा चार धाम की स्थापना की और उन्हीं में से एक है उत्तर में बद्रीनाथ। मान्यता है कि यहां आकार मनुष्य को ईश्वर का एहसास होता है और साथ ही भगवान विष्णु के दर्शन होते हैं। मंदिर में नर-नारायण विग्रह की पूजा की जाती है। अखंड दीप जलता रहता है और कहते हैं कि यह ज्योति ज्ञान का प्रतीक है। यहां आए श्रद्धालु गर्म कुंड में स्नान करते हैं। बद्रीनाथ धाम में सनातन धर्म के सर्वश्रेष्ठ आराध्य देव श्री बद्री नारायण भगवान के पांच स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है।

विष्णु के इन पांच रूपों में बद्रीनाथ, श्री विशाल बद्री, श्री योग-ध्यान बद्री, श्री भविष्य बद्री, श्री वृद्ध बद्री और श्री आदि बद्री प्रसिद्ध है। सबसे रोचक बात यह है कि बद्रीनाथ मंदिर में गाई जाने वाली आरती लगभग 132 वर्ष पुरानी है। शंकराचार्य की व्यवस्था के अनुसार बद्रीनाथ मंदिर का मुख्य पुजारी दक्षिण भारत के केरल राज्य से होता है। अधिक ठंढ होने के कारण बद्रीनाथ के कपाट अप्रैल, मई से अक्टूबर, नवंबर तक खोले जाते हैं।

बद्रीनाथ धाम यात्रा के बारे में शास्त्रों में भी वर्णन मिलता है। जिसके अनुसार जो मनुष्य अपने जीवन काल में बद्रीनाथ धाम की यात्रा करता है, उसके सभी पाप धुल जाते हैं। साथ ही मनुष्य को मृत्यु के बाद उसे स्वर्ग की प्राप्ति होती है। क्योंकि ऐसा कहा जाता है कि बद्रीनाथ धाम इस धरती पर वैकुंठ के समान ही है। इसलिए इस धाम की यात्रा करने वाले को जीते जी मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है।

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