CM केजरीवाल खुद रख रहे हैं डोर स्टेप डिलीवरी योजना की निगरानी

नई दिल्ली(नवोदय टाइम्स): मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने डोर स्टेप डिलीवरी ऑफ  सर्विसेज योजना को लागू करने को लेकर दिल्ली कैबिनेट के सभी मंत्रियों को सख्त निर्देश मंगलवार को जारी किया है। मुख्यमंत्री खुद डोर स्टेप डिलीवरी ऑफ  सर्विसेज योजना की निगरानी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि मोबाइल सहायक की तरफ  से किसी भी विभाग में सबमिट किए गए मामलों में से कोई भी मामला संबंधित मंत्री की मंजूरी के बिना रिजेक्ट नहीं किया जा सकेगा। सरकार का मानना है कि कई मामलों में निचले स्तर पर रिश्वत के लिए आवेदनों को रिजेक्ट कर दिया जाता है या फिर उनमें देरी की जाती है। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को इस योजना की समीक्षा बैठक की, जिसमें सभी मंत्री और इस योजना को लागू करने में अहम भूमिका निभा रहे अधिकारी मौजूद रहे। पहले दिन से मंगलवार शाम 5 बजे तक कुल 13,783 कॉल्स कनेक्ट हुई हैं। 



 डोर स्टेप डिलीवरी ऑफ  सर्विसेज योजना का उद्देश्य दिल्ली के नागरिकों को न केवल उनके घर पर सहूलियत के साथ सरकारी सेवाएं मुहैया कराना है, बल्कि इसका मकसद विभिन्न सरकारी विभागों में विभिन्न स्तर पर भ्रष्टाचार का खात्मा करना भी है। मुख्यमंत्री की तरफ  से जारी निर्देश के अनुसार अगर किसी मामले को रिजेक्ट करना है तो इसके लिए संबंधित विभाग के मंत्री से मंजूरी लेनी होगी। इस तरह के मामलों पर 24 घंटे के भीतर फैसला लेना होगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने निर्देश दिया है कि सेवाओं की डिलीवरी के लिए निर्धारित समय सीमा का हर हाल में पालन किया जाना चाहिए। समय सीमा संबंधी कोई भी उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 



सरकार का मानना है कि कुछ भ्रष्ट अधिकारी व कर्मचारी कुछ आवेदनों को जानबूझकर लटकाते हैं जिससे काम में देरी हो और आवेदन करने वाले लोग रिश्वत देने पर बाध्य हो जाए। दिल्ली सरकार भ्रष्टाचार के मामलों में बिल्कुल भी कोताही बर्दाश्त नहीं कर रही है और नई योजना भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने में मास्टर स्ट्रोक साबित होगी। अगर इस योजना में किसी आवेदन को लेकर देरी की जाती है तो ये माना जाएगा कि भ्रष्ट तौर-तरीकों को खत्म करने वाली एक जनहित वाली इस योजना को नाकाम करने की कोशिश है। सभी विभाग प्रमुखों व सचिवों को निर्देश दिया गया है कि वो खुद निगरानी करें और सर्विसेज की डिलीवरी के लिए निर्धारित समय सीमा का पालन सख्ती से सुनिश्चित करें। समय सीमा के उल्लंघन को बहुत गंभीरता से लिया जाएगा और दोषी अधिकारी के खिलाफ  अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में विभाग प्रमुख व सचिव भी जिम्मेदार होंगे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि देरी वाले सभी मामलों की रिपोर्ट उन्हें रोजाना दी जाए। मुख्यमंत्री खुद आने वाली कॉल्स,बैक एंड सिस्टम और आउटपुट की निगरानी कर रहे हैं।



ऑपरेटरों और फोन लाइनों की संख्या में भारी इजाफा 
योजना की शुरुआत के दिन यानी 10 सितम्बर को हैवी ट्रैफिक की वजह से 21,000 कॉल्स कनेक्ट नहीं हो पाई थी,जिनमें यूनीक नंबर केवल 4,200 ही थे। पहले दिन 40 ऑपरेटरों और 50 फोन लाइनों की क्षमता पर 2,728 कॉल्स कनेक्ट हुए थे। दूसरे दिन यानी 11 सितम्बर को ऑपरेटरों की संख्या को बढ़ाकर 80 और फोन लाइनों की संख्या को बढ़ाकर 120 कर दिया गया। व्यवस्था को और बेहतर करने के लिए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि 12 सितम्बर से ऑपरेटरों और फोन लाइनों को और बढ़ाया जाए। बुधवार को ऑपरेटरों की संख्या बढ़कर 150 और फोन लाइनों की संख्या बढ़कर 200 हो जाएगी। इस तरह पहले दिन की तुलना में ऑपरेटरों की संख्या में तीन गुने से ज्यादा और फोन लाइनों में चार गुने का इजाफा होगा।  


 

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