आर्कटिक महासागर में बर्फ पिघलने की रफ्तार हुई धीमी

वॉशिंगटन:नासा के एक अध्ययन में पाया गया है कि जलवायु परिवर्तन और वैश्विक ताप के बावजूद आर्कटिक महासागर पर फैली बर्फ की चादर के पिघलने की रफ्तार इस समय धीमी हो गई है। आर्कटिक महासागर में तापमान शेष ग्रह के मुकाबले दोगुनी रफ्तार से बढ़ रहा है जिससे महासागर के ऊपर फैली बर्फ की चादर पिछले 3 दशकों में सिकुड़ गई है और वह पिघल रही है।


हालांकि, साथ ही उपग्रह से एकत्रित किए गए आंकड़े बताते हैं कि सॢदयों दौरान बर्फ की चादर तेजी से मोटी हो रही है। जियोफिजिकल रिसर्च लैटर्स में प्रकाशित नए अध्ययन में यह भी पाया गया है कि बर्फ की चादर मोटी होने की रफ्तार दशकों तक बनी रह सकती है। ग्रीनलैंड में तेजी से पिघल रही है बर्फ यूरोपीय अंतरिक्ष एजैंसी (ई.एस.ए.) के उपग्रह से लिए गए 25 साल के आंकड़ों के इस्तेमाल से किए गए एक अध्ययन में यह कहा गया है कि ग्रीनलैंड में बर्फ पिघलने की रफ्तार तेज हो गई है।

यह अध्ययन पत्रिका अर्थ एंड प्लेनेटरी साइंस लैटर्स में प्रकाशित हुआ है। इस अध्ययन में साल 1992 और 2016 के बीच यूरोपीय रिमोट सैंसिंग उपग्रह एन्विसैट और क्रायोसैट अभियान से एकत्रित किए गए राडार एल्टीमैंट्री डाटा का इस्तेमाल किया गया है।

Related Stories:

RELATED शिमला की सबसे ऊंची चोटी पर है यह Pass, बर्फ से रहता है ढका (PICS)