गुफा में मिली बच्ची की हड्डी ने सुलझाया हजारों साल पुराना रहस्य

मस्कोः  रूस की एक गुफ़ा में मिलीं बच्ची की हड़़्डी ने हजारों साल पुराने रहस्य की गुत्थी सुलझा दी है। काफी साल पहले  रूस की एक गुफ़ा में इंसानों की दो अलग-अलग प्रजातियां मिली थीं। करीब 50 हज़ार साल बाद अब वैज्ञानिकों के एक समूह ने पता लगाया है कि उन दोनों की एक बेटी थी। गुफ़ा में मिले हड्डी के टुकड़ों के डीएनए से यह समझा जा रहा है कि वो दो अलग-अलग प्रजातियों की संतान थी। उसकी मां निएंडरथल प्रजाति की थी, जबकि पिता डेनिसोवन प्रजाति से थे, जो समय से साथ विलुप्त हो गए। बेटी इन दोनों प्रजातियों का मिश्रण थी। विलुप्त हो चुकी निएंडरथल प्रजाति आधुनिक मानव के सबसे नजदीक और क़रीबी रिश्तेदार माने जाते हैं। 

जब प्रारंभिक दौर में आधुनिक मनुष्य अफ्रीका से यूरोप पहुंचा, उसी समय के आस-पास ये विलुप्त हुए। माना जाता है कि निएंडरथल करीब 50 हजार साल पहले लगभग पूरे यूरोप और एशिया में फैले हुए थे। 'नेचर' में प्रकाशित इस खोज से इस बात का कुछ अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि आदि मानवों की ज़िंदगी कैसी हुआ करती थी। निएंडरथल और डेनिसोवन हमारे जैसे मनुष्यों की तरह थे, लेकिन अलग प्रजाति से ताल्लुक रखते थे। जर्मनी के मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट फॉर इवॉल्यूशनरी अंथ्रोपोलॉजी के शोधकर्ता विवियन स्लोन ने कहा, "पहले के अध्ययनों से हम यह जानते हैं कि निएंडरथल और डेनिसोवन कभी मिले होंगे और दोनों ने बच्चे भी पैदा किए थे। लेकिन मैंने कभी नहीं सोचा था कि हम इतने भाग्यशाली होंगे कि इसके प्रमाण मिलेंगे।"

वर्तमान में गैर-अफ्रीकी लोगों के डीएनए का कुछ हिस्सा निएंडरथल प्रजाति से मेल खाता है। वहीं कुछ गैर-अफ्रीकी लोगों का डीएनए कुछ हद तक एशियाई लोगों की डेनिसोवन प्रजाति से भी मिलता है। कई पीढ़ियों तक चले आपसी संबंधों और डीएनए में हुए बदलाव से यह साफ है कि विभिन्न नस्लों ने मिलकर बच्चे पैदा किए थे।हालांकि, इस तथ्य के सबूत सिर्फ़ साइबेरिया के अलताई पहाड़ों में ही मिले हैं। 20 से कम कथित पुरातन मनुष्यों में इसके प्रमाण मिलते हैं कि वो अलग-अलग नस्लों का मिश्रण थे। 

 

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