आम्रपाली ने कागजों पर खींचे 6636 फ्लैट, कंपनी पर लगा अदालत को गुमराह करने का आरोप

नोएडाः आम्रपाली समूह की कंपनियां कागजों में हजारों घर बना रही हैं और खत्म कर रही हैं। सुप्रीम कोर्ट में 7 महीने से चल रही सुनवाई के दौरान कंपनी प्रबंधन की ओर से दाखिल दस्तावेजों में अधूरे पड़े घरों की संख्या 6,636 बढ़ गई है। खरीदारों का आरोप है कि कंपनी सरकार और अदालत को गुमराह करने के लिए ऐसा कर रही है। 

पिछले साल 26 सितंबर के नैशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ने आम्रपाली के खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया था। इसके बाद अपने हितों की सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में खरीदार सुप्रीम कोर्ट गए। सुप्रीम कोर्ट खरीदारों की याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई कर रहा है लेकिन आम्रपाली समूह का प्रबंधन न्यायालय में आंकड़ों की बाजीगरी कर रहा है। फरवरी से अब तक कंपनी ने कागजों में ही हजारों अधूरे घर बढ़ा दिए हैं। 

कंपनी प्रबंधन ने फरवरी 2018 में सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल करके बताया कि उसके 37,963 घर अधूरे पड़े हुए हैं। इन घरों की बुकिंग हो चुकी है और खरीदारों को बना कर देने हैं। अप्रैल में अधूरे घरों की संख्या बढ़ा कर 40,987 बताई गई। मई में यह संख्या बढ़कर 46,562 हो गई। अब बीते 21 अगस्त को कंपनी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में नया हलफनामा दाखिल करके बताया कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा में अधूरे घर 44, 599 हैं जो अगले 6 से 36 महीनों में तैयार करके देने हैं।
 

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