आॅफ द रिकार्ड: अमित शाह का 51 फीसदी वोट शेयर का सपना

नेशनल डेस्क: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने साफ किया है कि चुनाव समय से पहले होने वाले नहीं हैं। यहां तक कि हरियाणा, महाराष्ट्र, बिहार और अन्य राज्यों के विधानसभा चुनावों की तारीखें भी आगे-पीछे नहीं होंगी। शाह ने कहा कि भाजपा लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ चाहती है लेकिन इस पर जब तक सहमति नहीं बन जाती और भाजपा को संसद में बहुमत हासिल नहीं होता तब तक ऐसा संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी भी सूरत में चुनाव समय से पहले नहीं होंगे क्योंकि लोगों ने हमें 5 साल तक का जनादेश दिया है। अपनी योजना पर तर्क देते हुए शाह ने कहा कि भाजपा 51 फीसदी वोट शेयर की रणनीति पर काम कर रही है। 


शाह ने कहा कि भाजपा को कैराना लोकसभा उपचुनाव में करीब 47 प्रतिशत वोट मिले। फिर भी महागठबंधन ने वहां जीत दर्ज की लेकिन विपक्ष को यह याद रखना होगा कि यहां भाजपा ने अपना वोट प्रतिशत 41 फीसदी से 47 फीसदी तक पहुंचा दिया है। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि विपक्ष में फूट न हो, वह एकजुट हो। हमें खुशी होगी कि विपक्ष राहुल को पीएम पद का उम्मीदवार घोषित करें। इसका हमें फायदा मिलेगा क्योंकि राहुल मोदी के आगे कुछ भी नहीं हैं।  अगर फिर भी ऐसा होता है तो चुनावों में हमें इसका करीब 5 फीसदी फायदा मिलेगा।
शाह के मुताबिक देश के 9 लाख बूथों में से 7 लाख पर भाजपा कार्यकर्ता प्रभावी ढंग से काम कर रहे हैं। हर बूथ पर करीब 25 कार्यकत्र्ता काम कर रहे हैं और हर दिन हैडक्वार्टर के साथ संपर्क में रहते हैं। भाजपा के पास करीब 14.3 करोड़ सदस्य हैं और भाजपा उनसे जरूरत पडऩे पर एसएमएस के जरिए संपर्क करती है। अपनी सारी योजना में उन्होंने यह नहीं बताया कि वह 2019 में अपने वोट शेयर को 51 फीसदी तक ले जाएंगे जबकि 2014 में यह 31 फीसदी था। दूसरा यह कि पिछले चुनाव में विपक्ष एकजुट नहीं था। 

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