पंजाब केसरी के साथ घर बैठे सिर्फ 10 मिनट में करें अमरनाथ यात्रा

जम्मूः अमरनाथ यात्रियों का पहला जत्था आज सुबह कड़ी सुरक्षा के बीच भगवती नगर आधार शिविर से रवाना हो गया। अभी तक देशभर से करीब दो लाख श्रद्धालुओं ने दक्षिण कश्मीर हिमालय में स्थित अमरनाथ गुफा की यात्रा के लिए पंजीकरण कराया है। लेकिन जो बाबा बर्फानी को भक्त यात्रा के लिए नहीं जा सकते हैं उन्हें घर बैठे दर्शन करवाने पंजाब केसरी घर बैठे दर्शन करवाने जा रहा है। 
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देशभर के विभिन्न हिस्सों से पहुंच रहे हैं श्रद्धालु

  • श्रद्धालुओं का देश के विभिन्न हिस्सों से यहां पहुंचना शुरू हो गया है। 
  • यात्रियों का पहला जत्था कश्मीर के दो आधार शिविरों बालटाल और पहलगाम के लिए रवाना होगा। 
  • ये यात्री कल तड़के कड़े सुरक्षा घेरे के तहत वाहनों के बेड़़े में रवाना होंगे। 
  • यात्रा का समापन 26 अगस्त को होगा जिस दिन रक्षा बंधन भी है।  

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सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

  • सुरक्षा अधिकारियों ने कहा कि अभी तक 1.96 लाख तीर्थयात्रियों ने यात्रा के लिए पंजीकरण कराया है। 
  • पहली बार इस बार अमरनाथ जाने वाले वाहनों में रेडियो फ्रीक्वेंसी टैग का इस्तेमाल किया जाएगा और सीआरपीएफ का मोटरसाइकिल दस्ता भी सक्रिय रहेगा। इसके साथ ही तीर्थयात्रियों द्वारा लिए गए प्रीपेड मोबाइल नम्बरों की वैधता भी सात दिन से बढ़ाकर 10 दिन कर दी गई है।      

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बालटाल से पवित्र गुफा तक की यात्रा
श्रीनगर से बालटाल पहुंचने के बाद पवित्र गुफा की यात्रा की शुरुआत होती है। बालटाल बेस कैंप को पूरी तरह से सुरक्षा के लिहाज से सुरक्षाबलों ने सील करके रखा हुआ है। बिना इजाजत यहां परिंदा भी पर नहीं मार सकता।  बालटाल बेस कैंप से श्री अमरनाथ यात्रा शुरू होती है।

  • श्रीनगर से बालटाल की दूरी  (करीब 140 किमी)
  • बालटाल से बाबा बर्फानी की गुफा की दूरी  ( 14 किमी)
  • बालटाल से गुफा के बीच पड़ाव
  • बालटाल से दोमेल  (2 किमी)
  • दोमेल से बराड़ी (5 किमी)
  • बराड़ी से संगम स्थल  (4 किमी)
  • संगम स्थल से पवित्र गुफा  (3 किमी)


14 किलोमीटर सफर तय करने के बाद कठिन चढ़ाई और संकरे रास्ते को पार करते हुए श्रद्धालु ग्लेशियर के बीच से होकर गुरते हुए पवित्र गुफा तक पहुंचते हैं। संगम स्थल यात्रा के दोनों छोर को जोड़ता है। पंचतरणी और बालटाल से आते हुए दोनों रास्ते संगम स्थल पर ही मिलते हैं, जिसके आगे 3 किलोमीटर दूर बाबा बर्फानी की गुफा दिखाई देने लगती है।. यहां पहुंचने के बाद श्रद्धालु गुफा की एक झलक पाकर सारी थकान भूल जाते हैं और बाबा बर्फानी के जय-जयकारों के साथ पवित्र गुफा की ओर बढ़ते हैं।

आखिरकार चुनौती भरे सफर को तय करने के बाद भक्तजन बाबा की पवित्र गुफा तक पहुंच जाते है, जहां सिक्योरिटी चेक के बाद उन्हें एक-एक करके लाइनों में खड़े रहकर आगे गुफा तक पहुंचना होता है। इस बार बाबा बर्फानी की यात्रा पूरे 40 दिन  चलने वाली है, जो 26 अगस्त को समाप्त होगी।

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