हार्दिक के कांग्रेस में शामिल होने के बाद पाटीदार आरक्षण आंदोलन का भविष्य अधर में

अहमदाबाद: पाटीदार आरक्षण आंदोलन का भविष्य अधर में नजर आ रहा है क्योंकि इस आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल और उनके समर्थकों का कहना है कि यह मुद्दा अब खत्म हो चुका है और अब वे किसानों की समस्याओं और युवाओं की नौकरियों पर ध्यान केन्द्रित करना चाहते हैं। पटेल के नेतृत्व वाले संगठन ‘पाटीदार अनामत आंदोलन समिति’ (पीएएएस) के कई सदस्य सरकारी नौकरियों तथा शिक्षा में पाटीदार समुदाय के लिए संघर्ष जारी रखना चाहते हैं।

पटेल सबसे पहले 2015 में पाटीदार आरक्षण आंदोलन को लेकर चर्चा में आए थे। वह पिछले सप्ताह यहां कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की उपस्थिति में कांग्रेस में शामिल हुए। पटेल का दावा है,‘आरक्षण का मुद्दा अब खत्म हो चुका है।’ उन्होंने कहा, ‘आप आरक्षण की बात कैसे कर सकते हैं जबकि आपको दस प्रतिशत आरक्षण लाभ दिया जा चुका है। अब मेरा ध्यान किसानों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को उठाने पर है। मैं जनता को अब भाजपा की गलत नीतियों तथा कांग्रेस के दृष्टिकोण से अवगत कराऊंगा।’

पटेल ने स्वीकार किया कि अपने आंदोलन की शुरुआत में उन्होंने पाटीदार समुदाय के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी में आरक्षण की मांग की थी लेकिन बाद में उन्हेांने आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग (ईबीसी) के तहत आरक्षण मांगा। लोकसभा चुनाव लडऩे की कोशिशों में जुटे पटेल ने कहा, ‘अब, मेरी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करने की है कि दस प्रतिशत ईबीसी आरक्षण सही ढंग से लागू हो। आरक्षण प्राप्त करके इस बारे में बात करना निश्चित रूप से राजनीति है और मैं इस तरह की राजनीति में लिप्त नहीं होना चाहता।’

Related Stories:

RELATED शिवसेना में शामिल हुईं कांग्रेस की प्रियंका चतुर्वेदी, हार्दिक पटेल के पड़ा थप्पड़