इन्द्रप्रस्थ विश्वविद्यालय के विधि पाठ्यक्रमों में क्लैट के माध्यम से ही मिलेगा प्रवेश : उच्चतम न्यायालय

नई दिल्ली :  उच्चतम न्यायालय ने  कहा कि दिल्ली सरकार के गुरू गोबिन्द सिंह इन्द्रप्रस्थ विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 201 9 -20 में विधि पाठ्यक्रम में प्रवेश सिर्फ राष्ट्रीय स्तर के कामन विधि प्रवेश परीक्षा (क्लैट) के माध्यम से ही होगा। न्यायमूर्ति अरूण मिश्रा और न्यायमूर्ति एम आर शाह की अवकाश पीठ ने दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ इन्द्रप्रस्थ विश्वविद्यालय की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की। उच्च न्यायालय ने विश्वविद्यालय के लिये क्लैट के माध्यम से ही विधि पाठ्यक्रमों में प्रवेश अनिवार्य करने संबंधी फरवरी के एक सर्कुलर पर रोक लगा दी थी। पीठ ने कहा, क्लैट के आधार पर प्रवेश (विधि पाठ्यक्रमों में) होने दीजिये।'' गुरू गोबिन्द सिंह इन्द्रप्रस्थ विश्वविद्यालय की ओर से सालिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार विधि पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिये विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा आयोजित करनी होगी क्योंकि वह क्लैट के माध्यम से प्रवेश नहीं दे सकती है। स्ववित्तपोषित शिक्षण संस्थाओं के संगठन के वकील ने कहा कि यदि क्लैट के माध्यम से विधि पाठ्यक्रमों में प्रवेश देना होगा तो इससे छात्रों पर असर पड़ेगा क्योंकि क्लैट के लिये आवेदन करने की तारीख पहले ही बीत चुकी है।

पीठ ने कहा, कोई परेशान नहीं होगा। क्लैट का मतलब क्लैट है।'' इस मामले की सुनवाई के दौरान एक वरिष्ठ अधिवक्ता को सहयोग कर रहे जूनियर अधिवक्ता ने हस्तक्षेप करने का प्रयास किया तो पीठ ने इस पर नाराजगी व्यक्त की। इन संस्थाओं के संगठन के वकील ने जब यह कहा कि क्लैट में आवेदन की तारीख बीत चुकी है और इससे अब छात्र प्रभावित होंगे तो पीठ ने कहा, आपकी आशंका सही नहीं लगती है। ये छात्र ज्यादा स्मार्ट हैं। क्लैट के लिये उन्होंने आवेदन कर दिया होगा। छात्रों को कमतर मत आंकिए।'' दिल्ली सरकार के उच्चतर शिक्षा निदेशालय ने 11 फरवरी को एक आदेश में इन्द्रप्रस्थ विश्वविद्यालय को 2019- 20के लिये एलएलबी और एलएलएम सहित अनेक पाठ्यक्रमों के लिये राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा का तरीका अपनाने की अनुमति दी थी। इसके बाद, विश्वविद्यालय ने 26 फरवरी को एक सर्कुलर जारी कर कहा कि 2019 के शैक्षणिक सत्र के लिये विधि कार्यक्रमों में छात्रों को क्लैट-यूजी और क्लैट-पीजी के माध्यम से ही प्रवेश दिये जाने की संभावना है। 

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