पुलवामा हमले पर बोले फारुक अब्दुल्ला- पत्थरबाज बेहतर थे या जैश-ए-मोहम्मद

नेशनल डेस्क: नेशनल कांन्फ्रेन्स के अध्यक्ष फारुक अब्दुल्ला ने कहा कि पुलवामा हमले को लेकर कश्मीर की जनता जिम्मेदार नहीं है। उन्होंने कहा कि जब तक कश्मीर मुद्दे का राजनीतिक समाधान नहीं निकलता तब तक इस प्रकार की घटनाएं होती रहेंगी। पूर्व मुख्यमंत्री ने पूछा कि क्या जैश-ए-मोहम्मद बेहतर था या पत्थरबाज बेहतर थे।
 



कश्मीर महज जमीन का एक टुकड़ा नहीं
अब्दुल्ला ने घाटी के बाहर कश्मीरी छात्रों और व्यापारियों पर कथित हमलों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कश्मीर महज जमीन का एक टुकड़ा नहीं है, बल्कि यह लोगों से मुकम्मल होता है। कश्मीरियों पर हमले कर लोग कह रहे हैं कि घाटी के बाहर उनके लिए कोई जगह नहीं है और देश की मुख्य भूमि (शेष भारत) में उनका कोई भविष्य नहीं है। नेकां नेता ने जम्मू में फंसे कश्मीरी लोगों के एक समूह को संबोधित करते हुए यह बात कही। ये लोग शुक्रवार को शहर में कफ्र्यू लगने के बाद उनके घर के पास एक मस्जिद में रह रहे हैं।     
 

पुलवामा हमले के लिए मुस्लमान नहीं जिम्मेदार 
हमले के बाद गृह मंत्री की अध्यक्षता में नयी दिल्ली में आयोजित सर्वदलीय बैठक का जिक्र करते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि मैनें बैठक में कहा था कि इसमें हमारी गलती नहीं है बल्कि आपकी गलती है क्योंकि आपने हमारी आकांक्षओं को पूरा नहीं किया। उन्होंने कहा कि आप हमारे बच्चों को निशाना बना रहे हैं और हमारी समस्या को बढ़ा रहे हैं। हम बुरे हालात में फंसे हुए हैं और जो हुआ है उसके लिए हम जिम्मेदार नहीं हैं क्योंकि ऐसे संगठनों से हमारा कोई संबंध नहीं है। 


राज्यपाल शासन के बाद आतंकी संगठन को मिला बढ़ावा 
नेशनल कॉन्फ्रेंस के चीफ ने कहा कि घाटी में राज्यपाल शासन लगते ही आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद को शह मिल गया। राज्यपाल शासन में अगर पत्थरबाजी रुक गई, तो क्या जैश-ए-मोहम्मद बढ़ गया। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि दुश्मन कश्मीर घाटी के लोगों और देश के बाकी हिस्सों के बीच दरार पैदा करने की कोशिश कर रहा है। 

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