दिल्ली और पंजाब में कांग्रेस का हाथ पकड़ेगा ‘झाड़ू’!

जालंधर(नरेश कुमार, रमन सोढी): सुखपाल खैहरा को नेता विपक्ष के पद से हटाने की कार्रवाई दिल्ली में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस हाईकमान की तरफ से लिखी गई सियासी स्क्रिप्ट का हिस्सा मानी जा रही है। 

PunjabKesari'पंजाब केसरी' को सूत्रों से हवाले से पता चला है कि कांग्रेस और ‘आप’ के मध्य लोकसभा चुनाव के दौरान किए जाने वाले गठजोड़ के लिए तैयार की जा रही जमीन के तहत यह कार्रवाई की गई है। दोनों पार्टियों के मध्य हो रही इस डील में एक पूर्व पी.एम. और एक वकील नेता की अहम भूमिका है। दोनों पार्टियों के मध्य दिल्ली व पंजाब में गठजोड़ किए जाने को लेकर सहमति बन गई है। फार्मूले के तहत कांग्रेस दिल्ली व पंजाब की 20 लोकसभा सीटों में से ‘आप’ के लिए 5 सीटें छोडऩे के लिए लगभग सहमत है। इन 5 सीटों में से 3 सीटें दिल्ली और 2 सीटें पंजाब की हो सकती हैं।
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पंजाब में ‘आप’ के लिए छोड़ी जा रही दोनों सीटें मालवा से हो सकती हैं और बहुत ज्यादा संभावना इस बात की है कि ‘आप’ को पंजाब में पहले से जीती हुई 4 सीटों में से 2 सीटें दी जाएं। दिल्ली में व्यापारियों के प्रभाव वाली चांदनी चौक सीट के अलावा 2 अन्य सीटों को लेकर बातचीत चल रही है। पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान दिल्ली में कांग्रेस तीसरे स्थान पर थी व 2015 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का खाता भी नहीं खुला। कांग्रेस पर सबसे ज्यादा दबाव प. बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का है, जो अपने हर दिल्ली दौरे के दौरान केजरीवाल के साथ मुलाकात कर रही हैं। इसके अलावा संसद में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने वाली टी.डी.पी. प्रमुख चंद्रबाबू नायडू भी केजरीवाल को विपक्षी मोर्चे में शामिल करने के पक्ष में हैं। दिल्ली व पंजाब में गठजोड़ के बदले ‘आप’ हरियाणा की सियासत से भी सक्रियता कम करेगी और लोकसभा चुनाव के दौरान हरियाणा में अपने उम्मीदवार खड़े करके कांग्रेस का वोट विभाजित नहीं करेगी। 
 

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