आम आदमी पार्टी के चुनावी चंदे में 13.16 करोड़ का गोलमाल

जालंधर(नरेश): चुनाव आयोग ने आम आदमी पार्टी को चुनावी चंदे की जानकारी में पारदर्शिता न बरतने का दोषी पाते हुए पार्टी को 20 दिन में इस पर स्थिति स्पष्ट करने का नोटिस जारी किया है। चुनाव आयोग द्वारा जारी नोटिस में आयोग ने पार्टी से पूछा है कि क्यों न चुनावी चंदे की जानकारी छुपाने के आरोप में पार्टी को जारी किया गया चुनाव चिन्ह वापस ले लिया जाए। नोटिस में आयोग ने लिखा है कि पार्टी द्वारा इस संबंध में नोटिस के जवाब में दिए जाने वाले तथ्यों और रिकार्ड के आधार पर ही आयोग अगला फैसला लेगा।

दरअसल आम आदमी पार्टी ने चुनाव आयोग को 30 सितम्बर 2015 को वित्त वर्ष 2014-15 के चंदे की रिपोर्ट जमा करवाई थी। इसके बाद पार्टी ने चंदे की संशोधित रिपोर्ट 20 मार्च 2017 को जमा करवाई। पहले जमा करवाई गई रिपोर्ट में पार्टी ने 2696 लोगों से 37 करोड़ 45 लाख 44 हजार 618 रुपए चंदे के रूप में मिलने की बात कही थी, जबकि संशोधित रिपोर्ट में पार्टी ने दानियों की संख्या बढ़ाकर 8264 कर दी तथा दान के रूप में मिली राशि को 37 करोड़ 60 लाख 62 हजार 631 रुपए बताया गया। इसके बाद सैंट्रल बोर्ड आफ डायरैक्ट टैक्सिस यानी सी.बी.डी.टी. ने 5 जनवरी 2018 को चुनाव आयोग को दी ‘आप’ की वित्त वर्ष 2014-15 की रिपोर्ट में 13.16 करोड़ रुपए के चंदे की राशि में गड़बड़ी पाई है।

रिपोर्ट में लिखा है कि ‘आप’ ने पार्टी के बैंक खाते में 67.67 करोड़ रुपए होने की जानकारी दी है जिनमें से 64.44 करोड़ रुपए चंदे की रकम बताई गई है, जबकि पार्टी ने वित्त वर्ष की अपनी आडिट रिपोर्ट में पार्टी की कुल आय 54.15 करोड़ रुपए बताई है। लिहाजा इसमें से 13.16 करोड़ का हिसाब नहीं मिल रहा। इस रिपोर्ट में पार्टी को हवाला के जरिए 2 करोड़ रुपए मिलने का भी हवाला दिया गया है। यह राशि भी पार्टी ने चुनावी चंदे के रूप में दिखाई है। इसके अलावा पार्टी ने अपनी वैबसाइट पर भी चुनावी चंदे को लेकर गलत जानकारी दी है और यह रिप्रिजैंटेशन आफ पीपल एक्ट की धारा 29सी का उल्लंघन है। 

यहाँ आप निःशुल्क रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, भारत मॅट्रिमोनी के लिए!
× RELATED 'आप' से झाड़ू वापिस लेने की तैयारी में चुनाव आयोग, जारी किया नोटिस