दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज की आचार संहिता उल्लंघन मांग वाली पीआईएल

नई दिल्लीःदिल्ली उच्च न्यायालय ने पिछले साल गुजरात चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा और कांग्रेस द्वारा आचार संहिता का कथित उल्लंघन किए जाने की जांच के लिए निर्वाचन आयोग को निर्देश देने की मांग करने वाली एक जनहित याचिका शुक्रवार को खारिज कर दिया। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजेंद्र मेनन और न्यायमूर्ति वीके राव ने याचिका स्वीकार करने से इनकार करते हुए कहा कि इसे गुजरात उच्च न्यायालय में दायर किया जाना चाहिए।

यह याचिका दो रियल एस्टेट कारोबारियों ने दायर की थी, जिनमें एक आंध्र प्रदेश से हैं, जबकि दूसरे दिल्ली से हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि इस मुद्दे पर कई ज्ञापन दिए जाने के बावजूद निर्वाचन आयोग ने कथित तौर पर कोई कार्रवाई नहीं की। याचिका में दावा किया गया है कि निर्वाचन आयोग को इस बाबत याद दिलाए जाने के बावजूद उसने कोई जवाब नहीं दिया, ना ही चुनाव आचार संहिता के कथित उल्लंघन के खिलाफ कार्रवाई की।

याचिकाकर्ता मोहम्मद सुल्तान और कमल त्यागी ने दावा किया है कि कांग्रेस ने पाटीदार समुदाय को आरक्षण मुहैया कराने के लिए कथित तौर पर चुनाव पूर्व वादा किया, जो चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा के एक सांसद ने चुनाव से पहले की अवधि में नफरत भरे भाषण दिए और इसे आयोग के ध्यानार्थ लाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई।

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