विदेशी मुद्रा भंडार में 47 महीने का सबसे तेज उछाल

मुंबई: देश का विदेशी मुद्रा भंडार 29 मार्च को समाप्त सप्ताह में 5.237 अरब डॉलर के साथ 47 महीनों के बाद सबसे तेज उछाल आया है। इसके साथ विदेशी मुद्रा भंडार 412 अरब डॉलर पर पहुंच गया जो करीब 10 महीने का उच्च्तम स्तर है। रिजर्व बैंक द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, आलोच्य सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 1.029 अरब डॉलर बढ़कर 406.667 अरब डॉलर हो गया था। रिज़र्व बैंक ने कहा कि समीक्षाधीन सप्ताह में, विदेशी मुद्रा भंडार का अहम हिस्सा मानी जाने वाली विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां 5.248 अरब डॉलर बढ़कर 384.053 अरब डॉलर हो गई है।  

रिजर्व बैंक के आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है डॉलर में बताई गई विदेशी मुद्रा आस्तियां में मुद्राभंडार में रखे यूरो, पौंड और येन जैसे गैर-अमेरिकी मुद्राओं की मूल्यवृद्धि अथवा मूल्यह्रास के प्रभावों को भी शामिल किया गया है। वित्तीय प्रणाली में नकदी (तरलता बढ़ाने) लाने के प्रयास के तहत रिजर्वबैंक ने 26 मार्च को डॉलर-रुपया अदला बदली नीलामी आयोजित कर पांच अरब डालर प्राप्त किये। इस नीलामी में उसे करीब 16 अरब डॉलर के लिए बोली प्राप्त हुई। इससे पहले  मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया को देखते हुए केन्द्रीय बैंक ने 23 अप्रैल को एक बार फिर तीन वर्ष की अवधि के लिए पांच अरब डॉलर की च्स्वैप' नीलामी आयोजित करने की घोषणा की है। 

देश का विदेशी मुद्रा भंडार 13 अप्रैल 2018 को समाप्त सप्ताह में 426.02 अरब डॉलर के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया था। लेकिन इसके बाद से इसमें काफी गिरावट आई। केन्द्रीय बैंक ने कहा कि समीक्षाधीन सप्ताह में देश का आरक्षित स्वर्ण भंडार 23.408 अरब डॉलर पर अपरिवर्तित रहा। सप्ताह के दौरान अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) के पास सुरक्षित (विशेष) विशेष निकासी अधिकार 36 लाख डॉलर घटकर 1.456 अरब डॉलर रह गया। केन्द्रीय बैंक ने कहा कि आईएमएफ में देश का आरक्षित भंडार भी 74 लाख डॉलर घटकर 2.986  अरब डॉलर रह गया। 

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