अमेरिका में चार भारतवंशी छात्राओं को मिला 17 लाख का ईनाम

वाशिंगटनः अमेरिका में चार भारतीय-अमेरिकी छात्राओं को सम्मानित किया गया है। पर्यावरण संबंधी संकटों से निपटने के लिए तकनीक विकसित करने वाली ये चारों छात्राएं केंटकी की अंजलि चड्डा (16), डेलावेयर की प्रीति साईं कृष्णमणि(17), उत्तरी कैरोलिना की नवामी जैन (17)और पेंसिलवेनिया की साईं प्रीती ममीडाला देश के सबसे पुराने व प्रतिष्ठित साइंस व गणित प्रतियोगिता 'रीजेनरॉन साइंस टैलंट सर्च' के अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। 

इन चारो को 25 हजार डॉलर (करीब 17 लाख रुपए) की इनामी राशि भी दी गई है। चड्डा को कुएं के पानी में आर्सेनिक की पहचान करने वाला सेंसर विकसित करने के लिए पुरस्कार दिया गया। पांच करोड़ अमेरिकी अब भी कुएं के पानी पर निर्भर हैं। पानी में मौजूद हानिकारक आर्सेनिक से कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। कृष्णमणि ने धान के पौधे को आर्सेनिक से बचाने के लिए तकनीक विकसित की है।

दूसरी ओर जैन बॉयो-इथेनॉल उत्पादित करने के भिन्न तरीकों पर काम पर काम रही हैं। बॉयो-इथेनॉल एक तरह का जैविक ईंधन है जिससे पर्यावरण को कम क्षति पहुंचती है। गार्नेट वैली हाई स्कूल की छात्रा ममीडला उत्प्रेरक की मदद से नवीकरणीय ऊर्जा के इस्तेमाल को सुगम बनाने के लिए शोध कर रही हैं।

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