इंडियन टैक्नोमैक कंपनी घोटाले में CID की बड़ी सफलता, सेवानिवृत्त ETO सहित 3 गिरफ्तार

शिमला (राक्टा): हिमाचल में करोड़ोंरु पए के घोटाले को अंजाम देने वाली इंडियन टैक्नोमैक कंपनी की परतें खुलने लगी हैं। इसी कड़ी में जांच एजैंसी सी.आई.डी. ने 3 नई गिरफ्तारियां की हैं। इनमें एक सेवानिवृत्त ई.टी.ओ. टेक चंद सहित पांवटा निवासी अमित सिंह व यू.पी. निवासी सुलेमान को गिरफ्तार किया गया है। सूत्रों के अनुसार कंपनी के कबाड़ बचने से जुड़े मामले में यह गिरफ्तारी हुई है। इस मामले में अब तक कुल 9 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। सूत्रों के अनुसार पूछताछ की कार्रवाई अमल लाने के बाद गिरफ्तारी की गई है जबकि कई लोग सी.आई.डी. जांच दायरे में चल रहे हैं। इनमें कुछ सरकारी मुलाजिम भी शामिल बताए जा रहे हैं, ऐसे में जांच एजैंसी पुख्ता साक्ष्य मिलते ही संबंधित लोगों पर अपना शिकंजा कर सकती है।

फर्जी बिलों और दस्तावेजों के आधार पर किया घोटाला
सामने आया है कि फर्जी बिलों और दस्तावेजों के आधार पर कंपनी ने करोड़ों रु पए के घोटाले को अंजाम दे डाला। सी.आई.डी. ने कंपनी के दिल्ली स्थित कार्यालय से भी कुछ दस्तावेज कब्जे में लिए हैं। इस मामले में जांच एजैंसी को फोरैंसिक लैब से भी रिपोर्ट मिलने का भी इंतजार है। सूत्रों की मानें तो वर्ष 2014 में कर चोरी का मामला सामने आने के बाद से टैक्नोमैक कंपनी के प्रबंधन से जुड़े कुछ अधिकारी फरार चल रहे हैं। ऐसे में जांच टीम जगह-जगह उनकी तलाश कर रही है, ताकि जल्द पूरे घोटाले की परतें उधेड़ी जा सकें। मामले की जांच के अंतर्गत कुछ बैंकों से भी रिकार्ड लिया गया है, ताकि पता लगाया जा सके कि आखिर किस तरह कंपनी करोड़ोंरुपए का कर्ज लेने में कामयाब हुई।

कंपनियों की जुटाई जा रही जानकारी
सी.आई.डी. को छानबीन के दौरान कई कंपनियों के फर्जी बिल और दस्तावेज हाथ लगे हैं। ऐसे में संबंधित कंपनियों के बारे में भी जानकारियां जुटाई जा रही हैं, ताकि पता लगाया जा सके कि कहीं उनकी भी उक्त  घोटाले से कोई संलिप्तता तो नहीं है। जांच के दौरान जो  बिल दस्तावेज मिले हैं, उनमें अधिकतर फर्जी पाए गए हैं। 

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