20 कैरेट सोने की हॉलमार्किंग को मिल सकती है मंजूरी

नई दिल्लीः देशभर के जूलर्स और ग्राहकों की मांग पर अब 14, 18 और 22 कैरेट के साथ 20 कैरेट के सोने की हॉलमार्किंग पर भी विचार किया जा रहा है। जूलर्स का कहना है कि मार्केट में सबसे ज्यादा डिमांड 80-85 फीसदी शुद्धता वाले सोने की होती है। 75 से 91 फीसदी शुद्धता के बीच के दो हॉलमार्किंग कैरेट पॉइंट खत्म किए जाने से कारोबार प्रभावित हो रहा है। 

BIS कर इस पर विचार 
हॉलमार्किंग को रेग्युलेट और मॉनिटर करने वाले ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (बीआईएस) के डेप्युटी डायरेक्टर जनरल (सेंट्रल रीजन) एम सदाशिवम ने बताया, ‘20 कैरेट (83.3 फीसदी शुद्ध) सोने की हॉलमार्किंग की इजाजत देने की मांग देश भर से आ रही है। ट्रेड-इंडस्ट्री का मानना है कि इस सेगमेंट में डिमांड ज्यादा है। बीआईएस की हॉलमार्किंग कमेटी इस पर विचार कर रही है।’ उन्होंने बताया कि हॉलमार्किंग के नए सुधारों को बहुत अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। 

जूलर्स के लिए हॉलमार्क सर्टिफिकेट ऑफ रजिस्ट्रेशन के लिए टर्नओवर को आधार बनाए जाने से रजिस्ट्रेशन में तेजी आई है। हॉलमार्क सेंटर और सर्टिफाइड जूलर्स की तादाद भी बढ़ रही है। अब सिर्फ चार मार्क बीआईएस लोगो, कैरेट, सेंटर लोगो और जूलर्स लोगो के चलते मार्किंग पहले से ज्यादा विजिबल और आसान हुई है। उन्होंने उन अटकलों को खारिज किया कि दिसंबर से हॉलमार्किंग अनिवार्य होने वाली है और कहा कि इसका समय तय करना बीआईएस के अधिकार क्षेत्र से बाहर है। हालांकि, आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि सरकार हॉलमार्किंग को पूरी तरह विश्वसनीय और लोकप्रिय बनाने के बाद ही अनिवार्य करना चाहती है। 

हॉलमार्क फेल होने पर जूलर को चेतावनी 
सिल्वर की प्योरिटी को लेकर भी ग्राहकों में जागरूकता आ रही है और अब 80%, 83.5%, 90%, 92.5%, 97%, 99% स्टैंडर्ड पर इसकी हॉलमार्किंग में भी तेजी आई है। उन्होंने बताया कि इंडस्ट्री की मांग पर सरकार ने पीनल प्रावधानों को नरम किया है और हॉलमार्क फेल होने पर पहली बार जूलर को केवल चेतावनी दी जाएगी क्योंकि अक्सर इसमें जूलर की कोई गलती नहीं होती। 

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