परीक्षा न दे पाए 18 कैंडीडेट्स की याचिकाएं खारिज

चंडीगढ़ (बृजेन्द्र): बीते वर्ष पंजाब में एम.सी. चुनावों से पहले अकाली दल की ओर से हाईवेज और सड़कें कथित रूप से ब्लॉक करने के चलते परीक्षा केंद्र तक न पहुंचे 18 कैंडीडेट्स की उनके लिए पुन: परीक्षा आयोजित करने की मांग को खारिज कर दिया है। 18 कैंडीडेट्स की 6 याचिकाओं पर संयुक्त रूप से सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के जस्टिस जसवंत सिंह की बैंच ने यह आदेश जारी किए हैं। 

 

वहीं मामले में पंजाब सरकार को निर्देश दिए हैं कि वह 5 फरवरी, 2018 को दिए अपने एफीडैविट की उस स्टेटमैंट पर कायम रहें जिसमें कहा गया था कि जब भी भविष्य में हिंदी विभाग की ओर से टैस्ट आयोजित करवाया जाएगा तो अनुपस्थित कैंडीडेट्स/याचियों को इसमें शामिल होने का अतिरिक्त अवसर दिया जाएगा, भले ही उनके पी.एस.टी.ई.टी.-2 पास करने की वैधता पूरी हो गई हो। साथ ही हाईकोर्ट ने 8 दिसम्बर को मास्टर कैडर पोस्ट की परीक्षा के रिजल्ट पर लगी रोक हटा दी। साथ ही सरकार को आदेश दिए कि जल्द रिजल्ट घोषित कर भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के लिए तत्काल कदम उठाएं। याची हिंदी के मास्टर/मिस्ट्रैस की नियुक्ति के लिए 8 दिसम्बर, 2017 को 2 से साढ़े 4 बजे तक जी.एन.यू. अमृतसर में हुई हिंदी की लिखित परीक्षा में नहीं बैठ पाए थे जिसके पीछे नैशनल हाईवे नंबर 54 पर अकाली दल द्वारा ब्लॉकेज/बंद कॉल होने को आधार बनाया गया था। यह हाइवे अमृतसर को मालवा क्षेत्र से जोड़ता है।

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