असम में नाव हादसा: मां को बचाने के लिए नदी में कूदा 11 साल का बच्चा

नेशनल डेस्क: असम की राजधानी गुवाहाटी में बुधवार को देसी नौका के ब्रह्मपुत्र नदी में पलटने से 3 लोगों की  मौत हो गई जबकि कई घायल हो गए। इस हादसे में एक 11 साल के बच्चे की सूझबूझ से दो जिंदगियां बच गई। कमल किशोर दास ने जैसे ही अपनी मां और चाची को डूबते हुए देखा तो उन्हे बचाने के लिए नदी में कूद गया जिससे दोनों की जिंदगी बच गई। 



दरअसल उत्तरी गुवाहाटी के सेंट एंटनी स्कूल में पांचवी में पढ़ने वाला कमल अपनी दादी को उनके घर छोड़कर मां और चाची के साथ घर लौट रहा था तभी उनकी नाव नदी में पलट गई। कमल ने बताया कि जैसे ही नाव बांध डूबने लगी तो उसकी मां ने कहा कि जूते निकालकर तैरो और किनारे की ओर जाओ। उसने बताया कि मैंने किनारे पर पहुचंकर देखा कि मेरी मां और चाची पीछे रह गई। कमल ने बताया कि उसकी मां को तैरना नहीं आता था जिन्हे बचाने के लिए वह नदी में कूद गया। उसने मां को बालों से पकड़ा और फिर उनका हाथ खींचते हुए सुरक्षित बाहर निकाल लिया। उसका बाद उसने अपनी चाची को बचाने के लिए दोबरा नदी में छलांग लगा दी और उन्हे भी खींच कर बाहर निकाला। हालांकि उसे इस बात का दुख है कि वह एक महिला और उसके बच्चे को सुरक्षित बाहर लाने के बाद भी नहीं बचा पाया। 


कमल ने बताया कि जैसे ही उसने बुर्के में एक महिला और उसकी बांहों में एक बच्चे को डूबते हुए देखा। मैं दोबारा पानी में कूद गया और दोनों को बांध के पिलर की कंक्रीट स्लैब तक लेकर आया। लेकिन महिला के हाथ से उसका बच्चा फिसल गया और वह नदी में बह गया। महिला भी बच्चे को बचाने के लिए नदी में छलांग लगा दी और वह भी तेज बहाव के साथ बह गई। 


बता दें कि बुधवार को 40 लोगों से भरी नौका उत्तर गुवाहाटी के मध्यम खांडा घाट के लिए रवाना हुई थी लेकिन  किनारे से 200 मीटर दूर नदी में उसका इंजन बंद हो गया था। इसके बाद तेज पानी के बहाव के कारण नौका वहां निर्माणाधीन एक ढांचे के लोहे के पिलर से टकरा कर पलट गई। घटना के बाद तीन शव बरामद किए गए, 12 लोग तैरकर सुरक्षित लौटे और 11 लापता हैं। 

Related Stories:

RELATED असम में फिर से आई बाढ़, 1.39 लाख लोग हुए प्रभावित