बच्चे से यौन शोषण के मामले में दोषी को 10 वर्ष की कैद

बिलासपुर: विशेष न्यायाधीश एवं सत्र न्यायाधीश बिलासपुर बहादुर सिंह की अदालत ने राहुल संधू उर्फ अनु को भारतीय दंड संहिता की धारा 377 और प्रोटैक्शन ऑफ  चिल्ड्रन फ्रॉम सैक्सुअल आफैंस एक्ट (पी.ओ.सी.एस.ओ.) 2012 की धारा 6 के तहत दोषी ठहराते हुए सजा का पात्र ठहराया है और इस तरह उसे आई.पी.सी. की धारा 377 के तहत 3 वर्ष का साधारण कारावास और 5 हजार रुपए जुर्माना और धारा 6 एक्ट के तहत 10 साल का कठोर कारावास और 5 हजार रुपए जुर्माना अदा करने की सजाएं सुनाई गई हैं। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को 6 माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

लोक अभियोजक उपजिला न्यायवादी उमेश शर्मा ने बताया कि 17 जनवरी, 2017 को पीड़ित बच्चे की मां ने थाना सदर बिलासपुर में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि उसी दिन करीब 3 बजे आरोपी राहुल संधू ने जंगल सुंगल तहसील सदर जिला बिलासपुर में उसके बेटे का यौन शोषण किया। पीड़ित की आयु उस समय 6 वर्ष थी। उन्होंने बताया कि थाना सदर बिलासपुर की उपनिरीक्षक मीना ठाकुर ने इस मुकद्दमे की तफ्तीश की तथाअदालत में आरोप पत्र दायर किया। उन्होंने बताया कि इस मामले की पैरवी उस तत्कालीन समय लोक अभियोजक संदीप अत्री द्वारा की गई।

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