राष्ट्रीय शतरंज में हर्ष और साक्षी शीर्ष पर कायम

Friday, September 8, 2017 8:53 AM
राष्ट्रीय शतरंज में हर्ष और साक्षी शीर्ष पर कायम

पटना: तेलंगाना के अंतरराष्ट्रीय मास्टर हर्ष भारतकोठी और महाराष्ट्र की साक्षी चितलांगे ने खादी इंडिया 47वीं राष्ट्रीय जूनियर बालक अंडर-19 शतरंज चैंपियनशिप में आज यहां समान 6.5 अंक के साथ क्रम लड़कों और लड़कियों के वर्ग में एकल बढ़त बनाई।  

अखिल बिहार शतरंज संघ के द्वारा आयोजित इस चैंपियनशिप के बालक वर्ग में 6 अंक लेकर कार्तिक वेंकटरमण (2347) अकेले दूसरे नंबर पर हैं जबकि साढ़े 5 अंक लेकर हेमंत राम (1994), प्रणव नंदा (2135), हर्षल शाही (2106) संयुक्त रूप से तीसरे नंबर पर चल रहे हैं।  गत चैंपियन बिहार के गौरव आनंद आज भी तीसरे बोर्ड पर छत्तीसगढ़ के धनंजय से ड्रा खेले। अबतक गौरव चार ड्रॉ खेल चुके हैं। फलस्वरुप सात दौर के बाद गौरव के 5 अंक हो गए हैं।  बालिका वर्ग में पूरे 6 अंक लेकर महालक्ष्मी (2185) अकेले दूसरे स्थान पर हैं जबकि साढ़े पांच (5.5) अंक लेकर र्हिषता गुदांती (2051), नित्यता जैन (1775) तीसरे स्थान पर चल रही हैं।   

बालक वर्ग के टॉप बोर्ड पर तेलंगाना के अंतरराष्ट्रीय मास्टर हर्ष भारतकोठी (2394) और पश्चिम बंगाल के मित्राभा गुहा (फिडे मास्टर, 2321) आमने-सामने थे। सफेद मोहरों से खेलते हुए हर्ष ने मित्राभा के खिलाफ इंग्लिश ओपनिंग से बाजी शुरू की। 15वें मूव में ही हर्ष को फायदा मिलने लगा। धीरे-धीरे मोहरों की अदला-बदली में हर्ष ने बाजी पर पूरी तरह से पकड़ बना ली और आखिर में 54 चाल में जीत दर्ज की।   

दूसरे बोर्ड पर आंध्रप्रदेश के फिडे मास्टर कार्तिक वेंकटरमण (2347) ने अंतरराष्ट्रीय मास्टर कृष्णा तेजा (2359) के खिलाफ इंग्लिश ओपनिंग में बाजी शुरू किया। शुरू से ही तेजा ने काले मोहरों से खेलते हुए कार्तिक के क्वीन साइड पर आक्रमण करना शुरू किया। नतीजा हुआ कि कार्तिक ने बाजी को ड्रॉ पर समाप्त करने का दवाब बनाया, लेकिन शातिर बाजीगर कार्तिक ने तेजा को उलझाए रखा और 49 चाल में जीत हासिल की।   

बालिका वर्ग के टॉप बोर्ड पर महाराष्ट्र की साक्षी चितलांगे (2134) ने तमिलनाडु की महिला फिडे मास्टर वर्षानी (2086) के किंग्स पॉन ओपनिंग के खिलाफ काले मोहरों से खेलते हुए कारों कान सुरक्षा पद्धति अपनाया। साक्षी ने दो प्यादो की टेक्निकल बढ़त बनाते हुए 76वें मूव में बाजी जीत ली।   दूसरे बोर्ड महालक्ष्मी ने सफेद मोहरों से खेलते हुए क्वींस पॉन ओपङ्क्षनग से खेल शुरू किया। अक्षया ने स्ला सुरक्षा पद्धति अपनाया। उतार-चढ़ाव एवं मोहरों की अदला-बदली करते हुए महालक्ष्मी ने यह बाजी 59वें चाल में अपने नाम की। 
 




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