डीजीपी ने खुद दिया शहीदों की अर्थी को कंधा, अधिकारियों ने दी अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि

Saturday, June 17, 2017 4:58 PM
डीजीपी ने खुद दिया शहीदों की अर्थी को कंधा, अधिकारियों ने दी अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि

श्रीनगर: अनंतनाग के अच्छाबल में आतंकियों के हमले में मारे गए पुलिसकर्मियों की अर्थी को जम्मू कश्मीर के डीजीपी ने कंधा दिया। अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने शहीदों को अश्रुपूर्ण श्रद्धासुमन अर्पित किए। शहीदों में 32 वर्षीय स्टेशन हाउस अधिकारी फिरोज अहम डार भी शामिल हैं, जिन्हें उनके पैतृक गांव डोगरीपोरा में सपूर्दे खाक किया गया।
लश्कर के हमले में शहीद हुए एसएचओ के परिवार और उनके दोस्त डार के उन शब्दों को याद कर बिलख पड़े जो उन्होंने 18 जनवरी 2013 को लिखे थे कि आप उस वक्त को याद करो जब आप अकेले कब्र में हो। लोग आपके शव के कब्र की तरफ लेकर जा रहे हैं और आपका परिवार बिलख रहा है। वो वक्त जब आपको कब्र में डाला जाता है। यह कुछ लाइनें उन्होंने अपने फेसबुक पर लिखी थीं।

डार के घर के बाहर लोगों को तांता लगा गया उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए। अपने परिवार के अकेले पोषक  डार की दो बेटियां हैं- छ वर्ष की अदा और दो वर्ष की सिमरन। उनकी पत्नी और बूढ़े-मां-बाप छाती पीट-पीट कर रो रहे थे। डीजीपी जम्मू कश्मीर डा एस पी वैद ने शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित करने के साथ ही कहा कि आतंकियों का यह कृत्य कायरतापूर्ण है और जम्मू कश्मीर पुलिस अपने शहीदों की कुर्बानी को यंंू ही नहीं जाने देगी।

 




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