शहीद पुलिस कर्मियों को श्रद्धांजलि देने नहीं पहुंचा कोई भी नेता, लोगों में रोष

Saturday, June 17, 2017 8:55 PM
शहीद पुलिस कर्मियों को श्रद्धांजलि देने नहीं पहुंचा कोई भी नेता, लोगों में रोष

श्रीनगर : कश्मीर घाटी के विभिन्न इलाकों में गत तीन दिनों में आतंकियों के हमलों में मारे गए आठ पुलिसकर्मियों की शहादत पर कोई खुलकर बोलता नजर नहीं आ रहा है। इस दौरान जम्मू कश्मीर पुलिस द्वारा शहीद पुलिसकर्मियों के लिए आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में शामिल न होने पर विपक्षी नैशनल कांफ्रैंस (नैकां) ने आज मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और उप मुख्यमंत्री डॉ निर्मल सिंह पर निशाना साधा। वहीं, राज्य पुलिस के एक अधिकारी ने शहीद पुलिसकर्मियों के श्रद्घांजलि समारोह में किसी माननीय के शामिल न होने के बारे में पूछे जाने पर कहा कि यह कश्मीर है और यहां शहीदों की चिता पर मेला नहीं लगता।
गुरुवार को बोगुंड-कुलगाम में आतंकियों के हमले में मारे गए पुलिस कांस्टेबल शब्बीर के घर में अब उसके बूढ़े मां-बाप के अलावा सवा साल का बेटा और बीबी रह गई है। गुरुवार की रात को श्रीनगर के हैदरपोरा में आतंकी हमले में शहीद कांस्टेबल सज्जाद उर्फ  शहजाद दिलावर सोफी के घर में उसकी छोटी मासूम बच्ची, बीबी और मां-बाप रह गए हैं। दोनों पुलिसकर्मियों को जिला पुलिस लाइन कुलगाम और जिला पुलिस लाईन में पुलिस के आलाधिकारियों ने अपने श्रद्घासुमन अर्पित किए। लेकिन इस मौके पर न ही विधायक और न ही राज्य सरकार का एक भी मंत्री उनके श्रद्घांजलि समारोह में पहुंचा।

नागरिक सचिवालय से चंद कदम दूर था श्रद्धाजंलि स्थल
कांस्टेबल शहजाद को शुक्रवार को नागरिक सचिवालय से चंद कदमों की दूरी पर स्थित जिला पुलिस लाईन श्रीनगर में अंतिम विदाई दी गई। शुक्रवार की शाम को अच्छाबल के थाना प्रभारी फिरोज अहमद डार समेत छह पुलिसकर्मियों ने आतंकियों के हमले में शहादत पाई। दबंग के नाम से मशहूर और हमेशा कश्मीर में अमन बहाली की बात करने वाले फिरोज डार व उसके साथ शहीद हुए पुलिसकर्मियों को शुक्रवार की देर रात गए जिला पुलिस लाईन अनंतनाग में एक भावपूर्ण समारोह में श्रद्घांजलि अर्पित की।  सभी छह शहीदों के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र और फूल मालाएं भेंट करने वाले सिर्फ  पुलिसए सेना, अर्धसैनिकबलों और जिला प्रशासन के अधिकारी ही थे।

कोई पार्टी नहीं पहुंची श्रद्धांजलि समारोह में
नेशनल कांफ्रेंस, कांग्रेस, भाजपा, पीडीपी और माकपा का एक भी नेता, विधायक, एमएलसी या मंत्री किसी भी शहीद पुलिसकर्मी को श्रद्घांजलि अर्पित करने उनके घर तो दूर, संबधित जिला पुलिस लाईन तक नहीं पहुंचा। इस बीच एक बयान में नैकां प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री जो राज्य की गृहमंत्री भी हैं, के लिए यह शर्मनाक है कि वह श्रद्धांजलि समारोहों में भाग नहीं लेती। राज्य सरकार से किसी ने भी समारोह में भाग नहीं लिया और यह दोहरीयता और सहानुभूति की कमी को दर्शाता है।

 




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