लद्दाख में ‘लव जिहाद’ बौद्ध लडक़ी ने बदला धर्म, मुस्लिम युवक से की शादी

Tuesday, September 12, 2017 3:51 PM
लद्दाख में ‘लव जिहाद’ बौद्ध लडक़ी ने बदला धर्म, मुस्लिम युवक से की शादी

श्रीनगर : लद्दाख बौद्ध असोसिएशन (एल.बी.ए.) ने जम्मू-कश्मीर में सत्ताधारी पी.डी.पी.-भाजपा सरकार के खिलाफ  सख्त तेवर अख्तियार कर लिए हैं। एल.बी.ए. ने राज्य में बौद्ध.मुस्लिम तनाव को सुलझाने के लिए प्रधानमंत्र नरेंद्र मोदी से मद्द लेने का फैसला किया है। लद्दाख में ये तनाव एक 30 साल की बौद्ध महिला के 32 साल के शिया मुस्लिम युवक से शादी के बाद पैदा हुआ है। बौद्ध महिला ने पिछले साल इस्लाम कबूल करने के बाद मुस्लिम युवक से शादी कर ली थी। एल.बी.ए. के अधिकारी पीटी कुंजांग ने बताया कि एक बौद्ध प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री से मुलाकात की मांग कर रहा है। बता दें कि लद्दाख में बौद्धों की आबादी 51 फीसदी है जबकि यहां 49 फीसदी मुस्लिम हैं। एल.बी.ए. की आपत्ति इस बात पर है कि राज्य प्रशासन कथित तौर पर बौद्ध लडक़ी के धर्म परिवर्तन के मामले की अनदेखी कर रहा है।


करगिल में द्रास के 32 साल के मुर्तजा आगा ने बौद्ध लडक़ी से शादी कर ली थी। इस बौद्ध लडक़ी ने धर्म परिवर्तन के बाद अपना नाम शिफा कर लिया था। शिफा और मुर्तजा इस वक्त श्रीनगर में एक गुप्त जगह पर रह रहे हैं। ये वाकया 2016 का है। शिफा ने हालांकि सीएम महबूबा को लिखे पत्र में ये माना है कि उसने मुर्तजा से शादी अपनी पसंद से की है। दिल्ली के एक एन.जी.ओ. में काम करने के दौरान दोनों एक दूसरे से प्यार कर बैठे थे। लेकिन बौद्ध संगठन का कहना है कि ऐसा बलप्रयोग से हुआ।

 

कोर्ट ने भी किया हस्तक्षेप
राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन नईमा महाजूर के पास मौजूद जानकारी के मुताबिक शिफा ने 2015 में इस्लाम कबूल कर लिया था, इसके बाद 2016 में बेंगलुरु में दोनों ने शादी कर ली। इस बीच, जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट ने प्रशासन से इस जोड़े को परेशान न करने को कहा है। हालांकि,एल.बी.ए. अधिकारी पीटी कुंजांग ने कहा कि सरकार बौद्धों को खत्म करना चाहती है लेकिन हम अपने खून की आखिरी बूंद तक लड़ेंगे। एक और लद्धाख के अधिकारी ने बताया कि युवा बौद्ध लड़कियां क्षेत्र के कई और हिस्सों में मुस्लिमों के झांसे में फंस गई हैं। मुस्लिम लडक़ों ने खुद को बौद्ध बताकर उन्हें अपने झांसे में लिया। हालांकि शादी के बाद लड़कियों को पता चल गया कि वे मुस्लिम हैं। 2003 से अब तक यहां पर 45 से ज्यादा लड़कियों ने मुस्लिम लडक़ों से शादी की है और दावा किया है कि उन्होंने ऐसा अपनी इच्छा से किया है।
लद्दाख में लेह और करगिल दो जिले हैं और यहां की कुल आबादी 2,74,000 है। यहां मुस्लिमों की आबादी 49 फीसदी है। मुस्लिमों के मुताबिक, धर्मांतरण एकतरफा नहीं है, कई मुस्लिम लड़कियों को भी बौद्ध बनाया गया है। 1989 में यहां बौद्धों और मुस्लिमों के बीच हिंसा हुई थी। इसके बाद एल.बी.ए. ने मुस्लिमों का सामाजिक और आर्थिक बहिष्कार किया, जो 1992 में हटा।

 



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