लालू का वार, कहा- मोदी की बातों पर यकीन करना खुदकुशी करने के समान

Thursday, March 9, 2017 12:48 PM
लालू का वार, कहा- मोदी की बातों पर यकीन करना खुदकुशी करने के समान

नई दिल्ली: राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि पीएम मोदी ने बिहार के लिए पैकेज देने का वादा किया था लेकिन वो 'फैकेज' निकला। आरटीआई से हुए खुलासे पर लालू यादव ने कहा कि मोदी ने अक्टूबर 2015 के विधानसभा चुनावों के दौरान बिहार को 1.25 लाख करोड़ रुपए का पैकेज देने का वादा किया था, जिसके मिलने का आज भी इंतजार हो रहा है। बिहार में सत्ताधारी महागठबंधन में शामिल आरजेडी, जेडीयू और कांग्रेस ने आरटीआई से मिली जानकारी के बाद बीजेपी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार और राज्य में विपक्षी दल बीजेपी पर निशाना साधा।
 


महागठबंधन के नेताओं का कहना है कि यह एक बड़ा सवाल है कि मोदी और बीजेपी पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में भी विधानसभा चुनाओं के दौरान 'धुंआधार' वादे कर रहे हैं, लेकिन उनके पूरा होने पर प्रश्नचिन्ह है। लालू ने अपनी अनोखी शैली में मोदी को यह सलाह दी कि प्रधानमंत्री के शीर्ष संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को इस तरह 'झूठ नही बोलना चाहिए। लालू ने मोदी की तस्वीर के साथ एक ट्वीट सांझा किया, झूठा, एक फैकेज का सरदार, उन्होंने पैकेज की नहीं बल्कि फैकेज की घोषणा की थी. पैकेज-पैकेज-फैकेज। एक अन्य ट्वीट में लालू ने कहा, ये प्रधानमंत्री सत्यमेव जयते का जाप करते हैं, इनको तो झूठ नहीं बोलना चाहिए। इनकी बातों पर यकीन करना खुदकुशी करने के समान है।

आरटीआई से खुलासा
मुंबई के आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने दिसंबर 2016 में केंद्रीय वित्त मंत्रालय से मोदी सरकार की ओर से विभिन्न राज्यों को दिए गए वित्तीय सहायता या विकास पैकेज के आश्वासन के बारे में जानकारी मांगी थी, जिसमें यह भी पूछा गया था कि जो आश्वासन दिए गए थे, उनमें से कितने पूरे किए गए हैं। हालांकि, वित्त मंत्रालय के उप निदेशक आनंद परमार ने इस आरटीआई का सीधा उत्तर देने की बजाए गोलमोल जवाब देकर स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की है। आरटीआई कार्यकर्ता गलगली ने कहा कि 18 अगस्त 2015 को प्रधानमंत्री ने बिहार के लिए 1,25,003 करोड़ रुपए के विशेष पैकेज की घोषणा की थी। लेकिन वित्त मंत्रालय के अधिकारी परमार के संक्षिप्त उत्तर में कहा गया है कि 'परियोजनाओं या कार्यों को सिलसिलेवार तरीके से पूरा किया जाएगा। हालांकि आज तक वित्त मंत्रालय की ओर से कोई पैसा जारी नहीं किया गया है।

 

 



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