तो इसलिए नीतीश कुमार लोकसभा के साथ बिहार विधानसभा चुनाव की कर रहे हैं वकालत

Wednesday, September 13, 2017 9:48 PM
तो इसलिए नीतीश कुमार लोकसभा के साथ बिहार विधानसभा चुनाव की कर रहे हैं वकालत

पटनाः बिहार में दोबारा से बीजेपी की सहयोगी जेडीयू ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने के मुद्दे पर पीएम नरेंद्र मोदी का समर्थन किया है। जेडीयू के बिहार प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि अगर लोकसभा चुनाव के साथ-साथ बिहार विधानसभा का चुनाव हो, तो पार्टी इसके लिए तैयार है। 

दरअसल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार काफी पहले से इस बात पर जोर देते रहे हैं कि लोकसभा और विधानसभा का चुनाव एक साथ होना चाहिए ताकि देश में पैसे और संसाधनों की बचत हो सके। नीतीश ने पूरे देश में एकसाथ लोकसभा और विधानसभा चुनाव कराने की वकालत कुछ साल पहले की थी, तब जेडीयू बीजेपी के साथ थी और अब जब एक बार फिर इस मुद्दे को उठाया गया है, तब भी वो बीजेपी के साथ खड़ी हैं।

बिहार में विधानसभा का चुनाव 2020 में होंगे और लोकसभा चुनाव 2019 में होने वाले हैं। इन परिस्थतियों में विधानसभा को लगभग डेढ़ साल पहले भंग करना होगा। ऐसे में मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल साढ़े तीन साल का ही रह जाएगा। जबकि विपक्ष इसके लिए तैयार नहीं है।

वहीं, आरजेडी नेता और पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने साफ कहा है कि बीजेपी के दबाव में जेडीयू इस तरह का फैसला ले रही है। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के साथ केवल बिहार के विधानसभा का चुनाव कराने से काम नहीं चलेगा। देश के बाकी राज्यों को भी साथ आना पड़ेगा। इसमें कई राज्य तो एेसे हैं, जहां विधानसभा चुनावों को अभी दो साल भी पूरे नहीं हुए हैं। 

अगर बिहार में विधानसभा का चुनाव लोकसभा के साथ होता है तो जेडीयू और बीजेपी को फायदा हो सकता है। साथ ही इसका दूसरा पहलू ये भी है कि नीतीश कुमार पर आरजेडी लगातार आरोप लगा रही है कि जनादेश का अपमान कर वो बीजेपी के साथ खड़े हैं। वर्तमान में आरजेडी के 80 विधायक हैं, 2005 में सत्ता से बाहर होने के बाद सबसे मजबूत स्थिति में है और विपक्ष में है। ऐसे में जितना जल्दी चुनाव हो जाए अच्छा होगा।

इसके अलावा सबसे बड़ा फायदा बीजेपी और जेडीयू सीटों के तालमेल को लेकर हो सकता है। इसमें सीधा फॉर्मूला लोकसभा की ज्यादा सीटें बीजेपी लड़े और विधानसभा में जेडीयू को लड़ने दे। हालांकि 2013 से पहले दोनों चुनावों में जेडीयू बड़े भाई की भूमिका में बिहार में थी लेकिन 2014 में बीजेपी के मजबूत होने से समीकरण बदलने के आसार दिख रहे हैं।




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