बजट के बहाने भारत ने चीन के खिलाफ चली चाल, सेला दर्रे पर बनेगी सुरंग

Friday, February 2, 2018 4:29 PM
बजट के बहाने भारत ने चीन के खिलाफ चली चाल, सेला दर्रे पर बनेगी सुरंग

नई दिल्ली: इस बार के आम बजट में घोषित अरुणाचल प्रदेश के तवांग में सेला दर्रे में भूमिगत सुरंग के निर्माण से भारत चीन सीमा पर हर मौसम में सैनिकों की आवाजाही तथा उनके लिए रसद की आपूर्ति का अहम जरिया साबित होगी। वित्त मंत्री अरुण जेटली की ओर से गुरुवार को संसद में पेश वित्त वर्ष 2018-19 के बजट में यह घोषणा ऐसे समय की गई है जब भारत और चीन के बीच अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम के सीमावर्ती डोकलाम को लेकर तनाव की घटनाएं अक्सर सामने आती रही हैं। जेटली ने अपने बजट भाषण में कहा कि देश की सुरक्षा के लिए सरकार सीमावर्ती क्षेत्रों में संपर्क आधारभूत सुविधाओं के विकास पर पूरा जोर दे रही है। लद्दाख क्षेत्र को सभी मौसम में जोड़े रखने के लिए रोहतांग सुरंग का निर्माण पूरा हो चुका है। चौदह किलोमीटर लंबे जोजिला दर्रे के पास सुरंग का निर्माण प्रगति में है। इसी तर्ज पर अब सेला सुरंग का निर्माण भी किया जाएगा।

सेला सुरंग जिस दर्रे में बनायी जाने वाली है वह अरुणाचल के तवांग और पश्चिम कामेंग जिलों के बीच सीमा पर स्थित एक पर्वतीय दर्रा है। इस दर्रे को लंबे समय से चीन दक्षिण तिब्बत का हिस्सा बताते हुए इस पर अपना दावा ठोंकता रहा है जिसकी वजह से इसे लेकर भी भारत और चीन के बीच विवाद रहा है। वर्ष 1962 में भारत चीन युद्ध के दौरान चीनी सैनिकों ने भारत में घुसने के लिए इस दर्रे का ही इस्तेमाल किया था। सीमा सड़क संगठन ने सेला सुरंग बनाने की योजना 2017 में शुरु की थी। बजट में इस बार इसे मंजूरी मिली है। योजना के तहत सेला दर्रे में दो सुरंग बनाई जाएगी जिनकी लंबाई क्रमश: 475 और 1790 मीटर होगी। ये टनल 4,170 मीटर की ऊंचाई से गुजरेंगी। इससे तवांग से सेला दर्रे की दूरी 10 किमी और समय एक घंटा कम हो जाएगा।



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