विज्ञान में भारत अपनी रैंकिंग कर रहा है बेहतर, एक दिन विश्व की करेगा अगुवाई: हर्षवर्धन

Monday, February 12, 2018 10:32 PM
विज्ञान में भारत अपनी रैंकिंग कर रहा है बेहतर, एक दिन विश्व की करेगा अगुवाई: हर्षवर्धन

नई दिल्ली: केन्द्रीय मंत्री हषवर्धन ने सोमवार को कहा कि भारत विज्ञान क्षेत्र में अपनी रैंकिंग में निरंतर सुधार कर रहा है तथा उन्होंने उम्मीद जताई कि एक दिन यह अन्य सभी देशों की अगुवाई करेगा। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री हषवर्धन ने मीडिया से कहा कि इस मंत्रालय के तहत आने वाले विभिन्न विभागों के कोष प्रावधानों में वृद्धि की गई है। 

उन्होंने दावा किया कि सरकार यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि देश में ‘प्रतिभा पलायन’ का रूख ‘प्रतिभा प्राप्ति’ में बदल जाए। भाजपा नीत गठबंधन के सत्ता में आने के बाद 250 से अधिक वैज्ञानिक भारत में लौट कर अाए हैं तथा बदलाव के लिए योजनाओं को लागू किया गया है। संवाददाता सम्मेलन में हर्षवर्धन के साथ आए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सचिव प्रोफेसर आशुतोष शर्मा ने कहा कि सरकार ने त्वरित विज्ञान योजना लागू की है ताकि प्रयोगशालाओं में मशीनों के इस्तेमाल के लिए छात्रों एवं तकनीशियनों को प्रशिक्षित किया जा सके। 

उन्होंने कहा कि एक वेब पोर्टल बनाया जाएगा जो लोगों को यह जानने में मदद करेगा कि देश की प्रयोगशालाओं में किस प्रकार की मशीनें उपलब्ध हैं तथा इन्हें कैसे बुक किया जा सकता है। वर्धन ने कहा, ‘‘हमारी रैंकिंग में सुधार हुआ (विज्ञान संस्थानों के माध्यम से)। यह अकारण नहीं हुआ है। हम किसी से कम नहीं हैं...हम निरतंर सुधार कर रहे ह। तथा रैंक में ऊपर जा रहे हैं।’’ अमेरिका एवं चीन द्वारा विज्ञान पर भारत से अधिक निवेश किए जाने के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, ‘‘और एक दिन हम सबसे ऊपर होंगे। इसके बारे में चिंता मत करिए।’’ 

रैकिंग में सुधार से उनका आशय सीएसआईआर की ओर है जिसने दुनिया भर में उद्योग के अनुकुल अनुसंधान के मामले में 100 सार्वजनिक संस्थानों में स्थान पाया है। उन्होंने कहा कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के लिए बजटीय आवंटन 12322.62 करोड़ रुपए है जबकि पृथ्वी विज्ञान के लिए यह 1800 करोड़ रूपए हैं। मंत्रालय के लिए कुल 14122.62 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है। 



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