पाक ने न माना ICJ का फैसला तो भारत के पास है ये विकल्प

Thursday, May 18, 2017 4:57 PM
पाक ने न माना ICJ का फैसला तो भारत के पास है ये विकल्प

हेग/इस्लामाबादः अंतर्राष्ट्रीय कोर्ट यानि ICJ  ने कुलभूषण जाधव की फांसी पर रोक लगा दी है। 11 जजों की बैंच के सदस्य जस्टिस रॉनी ने फैसला सुनाते हुए कहा कि जब तक इस मामले में अंतिम फैसला नहीं आता तब तक फांसी पर रोक लगी रहेगी। साथ ही अदालत ने कहा कि अगर पाकिस्तान यह फैसला नहीं मानता है तो उस पर प्रतिबंध लगाया जाएगा।

अब सवाल यह उठता है कि  यदि कुलभूषण जाधव केस में पाकिस्‍तान, इंटरनैशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (ICJ) के फैसले का क्रियान्‍वयन नहीं करता तो भारत के पास क्‍या विकल्‍प बचते हैं। जानकारों का मानना है कि ऐसी सूरतेहाल में भारत के पास UN Security Council (USC) में जाने का विकल्‍प होगा।  इस संबंध में संयुक्‍त राष्‍ट्र (UN) चार्टर कहता है कि संयुक्‍त राष्‍ट्र का हर सदस्‍य  अंतर्राष्‍ट्रीय कोर्ट ऑफ जस्टिस के निर्णयों को मानने को बाध्‍य है और यदि कोई पार्टी या पक्ष फैसले के क्रियान्‍वयन को करने में विफल रहता है तो अन्‍य पक्ष या पार्टी संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद  (UN Security Council) का रुख कर सकता है। उसके बाद सुरक्षा परिषद फैसले का क्रियान्‍वयन कराने के उपायों पर विचार करेगा।

इस संबंध में पूर्व सॉलिसिटर जनरल सिद्धार्थ लूथरा का कहना है कि हालांकि यह सही है कि जिस तरह घरेलू कोर्ट के जजमैंट को लागू किया जाता है, उस तरह इसको लागू नहीं किया जा सकता लेकिन इस तरह के सूरतेहाल में भारत, पाकिस्‍तान के खिलाफ प्रतिबंध लगाने की बात भी कह सकता है। इसके अलावा ICJकोर्ट ने एक और महत्वपूर्ण आदेश देते हुए कहा कि पाकिस्तान कुलभूषण जाधव को काउंसर एक्सेस दे ताकि वो कानूनी मदद ले सके। इसके बाद अब भारतीय उच्चायुक्त कुलभूषण से मिल सकेंगे। कोर्ट के फैसले के चलते अगस्त में जाधव को दी जाने वाली फांसी पर रोक लग गई है।

उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान दोनों वियना संधि से बंधे हैं और भारत ने इसी के तहत अपील की है। कुलभूषण को गिरफ्तार करना विवादित मुद्दा है। जस्टिस रॉनी ने पाक के दावे का खारिज करते हुए कहा कि कोर्ट को मामले की सुनवाई का अधिकार है। ICJ कोर्ट ने भारत के पक्ष को मानते हुए कहा कि भारत ने कुलभूषण को अपना नागरिक माना और उससे मिलने की अपील की लेकिन पाकिस्तान कुलभूषण को कउंसलर हेल्प देने में असफल रहा। कुलभूषण को कानूनी मदद मिलनी चाहिए। 

 



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