गुजरात चुनाव में ‘इमोशन का तड़का’

Friday, November 10, 2017 10:49 AM
गुजरात चुनाव में ‘इमोशन का तड़का’

नई दिल्ली: गुजरात चुनाव को मिशन 2019 का रिहर्सल माना जा रहा है। इसे देखते हुए भाजपा जहां यहां की सत्ता को हर हाल में बचाना चाह रही है वहीं कांग्रेस 20 साल के सूखे को खत्म करने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रही है। चुनावी दंगल में जोर आजमाइश कर रही यह दोनों पार्टियां अब  मतदाताओं के बीच इमोशनल तड़का भी लगा रही हैं। गुजरात में इन दिनों जहां राहुल गांधी व्यक्तिगत तौर पर युवाओं और कार्यकर्ताओं से मिलकर कांग्रेस को जमीन से जुड़ी पार्टी बताने का प्रयास कर रहे हैं। 

अमित शाह ने शुरू किया डोर टू डोर प्रचार अभियान
वहीं दूसरी ओर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने अपने घर से डोर टू डोर प्रचार अभियान शुरू किया है। यही नहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजराती मतदाताओं को अपने पुराने रिश्ते की दुहाई देने से भी नहीं चूक रहे हैें। हाल ही में उन्होंने एक कार्यकर्ता को फोन कर बात की थी, वहीं अब उन्होंने गुजरातियों के नाम एक पत्र लिखकर इमोशन का तड़का लगाया है। पीएम ने गुजरात को आत्मा और भारत को परमात्मा बताते हुए गुजरातियों से कहा है कि उन्हें बीजेपी के शासन में आने से 22 साल पहले के गुजरात के बुरे हालातों को याद रखना चाहिए। पीएम की चि_ी ऐसे समय में आई है जब कांग्रेस गुजरात में अलग-अलग जाति से आने वाले ताकतवर नेताओं को अपनी ओर करने की कोशिश में जुटी है। ओबीसी तबके से आने वाले एक महत्वपूर्ण युवा नेता अल्पेश ठाकोर कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं। कांग्रेस पाटीदार नेता हार्दिक पटेल के साथ भी बातचीत में जुटी हुई है। 

दिवाली पर किया था गोहिल को फोन 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिवाली के मौके पर बड़ोदारा के कार्यकर्ता गोपाल भाई गोहिल को फोन किया था। राजनीति के जानकार इसे भी प्रधानमंत्री का चुनाव से पूर्व का इमोशनल तड़का मान रहे हैं। उनका मानना है कि इससे भाजपा ने कार्यकर्ताओं को यह संदेश देने का प्रयास किया था कि जिसका सियासी लाभी अब चुनाव में भाजपा उठाने का प्रयास करेगी। कांग्रेसियों ने तो यहां तक आरोप लगाया था कि भाजपा ने खुद ही इस आडियो को वायरल कराया था। 

राजनीति का अब हिस्सा है इमोशन 
इमोशन अब राजनीति का हिस्सा बन चुका है। यह नया नहीं है, पश्चिम बंगाल चुनाव में ममता और मोदी के बीच भी खूब इमोशनल तड़के का दौर चला था। इसी तरह अब राजनीति के दो द्रुवों पर खड़े मोदी और राहुल चुनाव में भावुकता का तड़का लगा रहे हैं। क्योंकि उन्हें अच्छे से यह पता है कि इस इमोशनल अत्याचार से जनता भावुक हो उठती है। इससे उन्हें तथ्यों के साथ छेडख़ानी का मौका भी मिल जाता है।  सोशल मीडिया के जरिए इस इमोशनल राजनीति को और बढ़ाया चमकाया जाता है।

राहुल का सेल्फी टच 
भाजपा के इमोशनल तड़के का जवाब देने के लिए कांग्रेस ने भी जवाबी हमले शुरू कर दिए हैं। हाल ही में राहुल गांधी ने जहां कार पर युवती के साथ सेल्फी ली थी जो कि खूब वायरल हुई। इसके बाद कराटे सीखते हुए राहुल के फोटो कांग्रेस की आईटी सेल ने जारी किए थे। बुधवार को राहुल ने अहमदाबाद की टेक्सटाइल मिल में कर्मचारियों से समस्याओं पर बातचीत की थी। इसके बाद कार्यकर्ताओं के बीच नाश्ता करके यह संदेश देने की कोशिश की है कि कांग्रेस जनता की पार्टी है और जोकि जमीन से जुड़ी हुई है।


 



यहाँ आप निःशुल्क रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, भारत मॅट्रिमोनी के लिए!