दिल्ली के बुनियादी ढांचे पर दबाव डालता है अवैध निर्माण: अदालत

Friday, May 19, 2017 10:13 PM
दिल्ली के बुनियादी ढांचे पर दबाव डालता है अवैध निर्माण: अदालत

नई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि अवैध निर्माण दिल्ली के सीमित बुनियादी ढांचे तथा जल सहित संसाधनों पर गंभीर दबाव डालता है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह की पीठ ने कहा कि ‘‘यह समय एक नीति बनाने का है’’ ताकि शहर के लोग ‘‘शांतिपूर्ण तरीके से रह सकें।’’  पीठ ने कहा, ‘‘दिल्ली की सीमाएं है लेकिन अवैध निर्माण, जनसंख्या में वृद्धि और सीमित भूमि पर अन्य विकास के प्रभावों ने शहर में डेंगू और चिकुनगुनिया जैसी बीमारियों तथा समस्याओं को बढावा दिया है।’’

इसमें कहा गया, ‘‘इसके कारण वर्तमान बुनियादी ढांचे तथा संसाधनों पर अब बहुत भारी दबाव है।’’  पीठ ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में विकास के संबंध में एक नीति मौजूद है। पीठ ने केन्द्र से ‘‘चीजें नियंत्रण से बाहर जाने से पहले’’ राज्य सरकार की सलाह से काम करने को कहा। अदालत की ये टिप्पणियां एक एनजीआे की याचिका पर सुनवाई करते हुए आईं। यह याचिका लाला लाजपत राय मार्ग और लोधी रोड से सटे अमीर खुसरो पार्क में स्थित रैनबसेरे को हटाने के खिलाफ दायर की गई थी। 



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