दो करोड आबादी, एक करोड़ वाहनों ने छुटाए पुलिस के पसीने

Thursday, January 11, 2018 5:48 PM
दो करोड आबादी, एक करोड़ वाहनों ने छुटाए पुलिस के पसीने

नई दिल्ली: दिल्ली में दो करोड़ आबादी और एक करोड़ वाहनों के कारण ट्रैफिक की गंभीर समस्या पैदा हो गई है जिसे सुलझाने में ट्रैफिक पुलिस के पसीने छूट रहे हैं और इस समस्या से निजात पाने के लिए वह जल्दी ही एक सख्त ट्रैफिक नीति बनाने जा रही है।   दिल्ली यातायात पुलिस के विशेष आयुक्त दीपेन्द्र पाठक ने आज यहां पुलिस के वार्षिक संवाददाता सम्मेलन में यहां यातायात की गंभीर होती समस्या के बारे में पत्रकारों के सवाल पर कहा कि दिल्ली की आबादी लगातार बढ़ रही है। मौजूदा समय में यह दो करोड़ के करीब है। वहीं दूसरी ओर शहर में वाहनों की संख्यां बढ़कर एक करोड पर पहुंच गयी है। इसके अलावा पडोसी राज्यों से 15-20 लाख वाहन हर रोज राजधानी में आते जाते हैं ऐसे में ट्रैफिक को नियंत्रित कर पाना बहुत मुश्किल होता जा रहा है।

 पाठक ने सार्वजनिक परिवहन सेवाओं की कमी,यातायात नियमों की अनदेखी और अवसंरचना निमार्ण संबंधी खामियों को यातायात की समस्या का प्रमुख कारण बताते हुए कहा कि इनमें से किसी एक समस्या के निदान से काम नहीं चलेगा यातायात को नियंत्रित और सुचारित करने के लिए सभी का समाधान करना होगा।  हालांकि उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि यातायात नियमों की अनदेखी एक चलन बनता जा रहा है। ये नियम सिर्फ सड़कों पर वाहनों के चलने के लिए नहीं बनाए गए बल्कि सड़क पर चलने वाले पैदल यात्रियों तथा वाहन चलाने वालों की सुरक्षा भी इससे जुड़ी है ऐसे में इनका सख्ती से पालन होना जरुरी है इसलिए यातायात की नयी नीति तैयार की जा रही है जिसमें नियमों का उल्लंघन करने वालों और पार्किंग माफियाओं के खिलाफ सख्त प्रावधान होंगे। 

पाठक ने कहा कि वैसे यातायात पुलिस अपनी तरफ से ट्रैफिक नियंत्रण और निगरानी के हर संभव प्रयास कर रही है। शहर में दुर्घटना संभावित क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां यातायात नियंत्रण के विशेष उपाय किए गए हैं। भीड़-भाड़ वाले चौराहों पर सीसीटीवी कैमरों से वाहनों पर नजर रखी जा रही है। ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ हर संभव कार्रवाई की जा रही है। लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरुक बनाने के लिए स्कूलों ,कालेजों और सार्वजनिक स्थलों पर समय समय पर कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। 



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