वे घर अंधे कुएं के समान हैं : स्वामी मधुसूदन महाराज

Friday, February 9, 2018 7:30 AM
वे घर अंधे कुएं के समान हैं : स्वामी मधुसूदन महाराज

जालंधर (पांडे): सर्व शक्तिमान भगवान प्रत्येक कार्य कर सकते हैं। केवल हमारे अन्दर ललक, प्रेम होना चाहिए, भगवान प्रकट हो जाएंगे। जो भगवान को हृदय से बुलाता है वह प्रकट हो जाते हैं। प्रभु श्री राम तथा कृष्ण ने भक्तों को प्रेम प्रदान करने के लिए इस धराधाम पर अवतार लिया। 


उक्त शब्द गौड़ीयाज भक्त वृन्द जालन्धर की ओर से श्री सत्य नारायण मन्दिर एस.डी. कालेज रोड मोहल्ला गोविन्दगढ़ में आयोजित श्री हरिनाम संकीर्तन सम्मेलन में 5वें दिन कथा व्यास त्रिदण्डी स्वामी भक्त बल्लभ तीर्थ गोस्वामी महाराज के प्रियतम शिष्य भक्त प्रसून मधुसूदन महाराज (तीर्थ गोवर्धन) ने श्रीमद् भागवत की कथा प्रसंग का वर्णन करते हुए कहे।


उन्होंने कहा कि जिस घर में साधु संग नहीं है, सत्संग नहीं होता, रामायण, गीता, भागवत का पाठ नहीं होता है वह घर अंधे कुएं के समान है। आज हम जिनको प्यार करते हैं वे कभी भी छोड़ कर जा सकते हैं। भगवान से प्यार ही वास्तव में सच्चा प्यार है। कथा प्रसंग को आगे बढ़ाते हुए स्वामी मधुसूदन महाराज ने कहा कि भगवान जीवों को प्रेम प्रदान करने के लिए बालक रूप में प्रकट हुए। इस मौके पर भक्तों द्वारा किए गए हरिनाम संकीर्तन से हाल में उपस्थित भक्त आत्म-विभोर हो गए। 


इस मौके पर मुख्य रूप से भक्त किंक्कर दमोदर महाराज, भक्त प्रसाद जनार्दन महाराज हमीरपुर, सुदामा प्रभु, कृष्ण रंजन सहित चैतन्य महाप्रभु राधा माधव मन्दिर प्रताप बाग के संस्थापक पण्डित राम भजन पांडे, मदन गोपाल कपूर, रेवती रमन गुप्ता, अजीत तलवाड़, सत्यव्रत गुप्ता, कुलदीप मेहता, सुदेश विज, अर्जुन पप्पी, बलजीत बल्ली, बिक्की गुप्ता, विभु प्रसाद, राघव, धीरज, गोपी, त्रिविक्रम दास, गोलकनाथ, धीर कृष्ण, धीरज सेठी, दीपक, सागर, यांकिल, हनी, संजय कालिया, साहिल, जतिन्द्र, हरि बल्लभ, मदन मोहन, दास, नित्या गोपाल, संदीप गुप्ता, जतिन्द्र, साहिल, हनी खुराना, मुकेश ग्रोवर, हैप्पी, कन्हैया, गौरव, पंकज नैयर, राकेश, गोविन्द सुन्दर, रोहित शर्मा, गौरव उप्पल, तापस गुप्ता, हरिवल्लभ सहित भारी संख्या में भक्तजन शामिल हुए। 
 



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