DNA से बनाई  मोनालिसा की पेंटिंग

Thursday, December 7, 2017 5:37 PM
DNA से बनाई  मोनालिसा की पेंटिंग

लॉस ऐंजिलिसः वैज्ञानिकों ने इतालवी कलाकार लियोनार्दो दा विंची की मशहूर कलाकृति मोनालिसा की सबसे छोटी पेंटिंग डीएनए की मदद से तैयार की है। अमरीका के कैलिफॉर्निया इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी के अनुसंधानकर्ताओं ने एक ऐसा सस्ता तरीका खोजा है जिसके जरिए डीएनए एकत्र होकर खुद को एक क्रम में सजा लेते हैं। 
यह क्रम इस तरह से व्यवस्थित होता है कि इसके पैटर्न को पूरी तरह अपनी रुचि के अनुसार ढाला जा सकता है। इससे ऐसा कैनवस तैयार होता है जो किसी भी किस्म की छवि को प्रदर्शित कर सकता है। डीएनए को मूलतः जीवित चीजों की अनुवांशिक सूचनाएं पता लगाने में इस्तेमाल किया जाता है लेकिन यह रसायनों का एक ढांचा बनाने में भी समर्थ है। 

कौन है मोनालिसा 
मोनालिसा (Mona Lisa या La Gioconda या La Joconde)  लिओनार्दो दा विंची के द्वारा कृत एक विश्व प्रसिद्ध चित्र है। यह एक विचारमग्न स्त्री का चित्रण है जो अत्यन्त हल्की मुस्कान लिए हुए हैं। यह संसार की सम्भवत: सबसे प्रसिद्ध पेंटिंग है जो पेंटिंग और दृष्य कला की पर्याय मानी जाती है।   माना जाता है कि इतालवी चित्रकार विंची ने यह तस्वीर 1503 से 1506 के बीच बनाई थी।

ये तस्वीर फ्लोरेंस के एक गुमनाम  से व्यापारी 'फ़्रांसेस्को देल जियोकॉन्डो' की पत्नी 'लीज़ा घेरार्दिनी' को देखकर बनाई गई है। यह पेंटिंग फ्रांस के लूविरे संग्रहालय में रखी हुई है। संग्रहालय के इस क्षेत्र में 16वीं शताब्दी की इतालवी चित्रकला की कृतियाँ रखी गई हैं। मोनालिसा की असल पेंटिंग केवल 21 इंच लंबी और 30 इंच चौड़ी है। तस्वीर को बचाए रखने के लिए यह एक ख़ास किस्म के शीशे के पीछे रखी गई है जो न तो चमकता है और न टूटता है।
 



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