ISIS के पास है दुनिया के इन खतरनाक हथियारों का जखीरा !

Sunday, March 12, 2017 3:00 PM

लंदन/मेलबर्नः अमरीका से लेकर ब्रिटेन और दुनिया की तमाम बड़ी ताकतें ISIS को नियंत्रित करने में विफल रही हैं। दुनिया में आतंक और तबाही का पर्याय बन चुके आतंकी सगंठन ISIS के पास अत्याधुनिक हथियारों का जखीरा है। आपको बता दें कि यही वो हथियार हैं जिनकी मदद से उसने पूरी दुनिया में खौफ का माहौल बना रखा हैं। आईएसआईएस आधुनिक टैंक से लेकर रासायनिक हथियार तक हर अत्याधुनिक हथियारों से लैस हैं। आज बताते है ISIS के उन हथियारों के बारे में जो हैं उसकी ताकत हैं...

सोवियत टी-72 टैंक्‍स 
ISIS ने ईराकी आर्मी के पास मौजूद कई टैंक्‍स को हासिल कर लिया है। इनमें आधुनिक सोवियत टी-72 टैंक्‍स भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि ISIS के पास ऐसे 10 टैंक्‍स हैं। ISIS ने इराकी सेना के कई टैंको पर कब्जा कर लिया था, अपेक्षाकृत आधुनिक सोवियत टी -72 भी उन्हीं में से एक हैं। यह अत्यंत विध्वंसकारी टैंक है।

 टाइप 59 आर्टिलरी 
इसे 130 एमएम टोव्‍ड फील्‍ड एम गन एम-26 एम1954 के नाम से भी जानते हैं। टाइप 59 वर्ष 1950 में सोवियत यूनियन के समय विकसित की गई थी। अगस्‍त में ऐसी खबरें आईं हैं कि ISIS ईराक ट्रूप्‍स के खिलाफ इनका प्रयोग कर रहा है। ISIS ने इराकी सैनिकों के खिलाफ इसी तोपखानें का प्रयोग किया था।

एफआईएम-92 स्टिंगर मैनपैड्स
अमरीका की स्टिंगर मिसाइल्‍स इस समय ISIS फाइटर्स के कब्‍जे में हैं। फॉक्‍स न्‍यूज के मुताबिक ईराक से कुछ मिसाइलों को बरामद भी किया गया। स्टिंगर एक हल्‍की और आसानी से प्रयोग में आ सकने वाली मिसाइल है जिसे सिर्फ कंधे पर रखकर ही फायर किया जा सकता है। ISIS आतंकियों ने इराकी सेना से यह आधुनिक हथियार हासिल किया। यह हल्के और प्रयोग करने में आसान है, एक सैनिक इसे कंधे से संचालित कर सकता है।

ZU-23-2 सेर्गी एंटी एयरक्राफ्ट कैनन 
अगस्‍त 2015 में अमरीकी मीडिया ने खबर दी थी कि ISIS सोवियत दौर के समय की बनी एंटी-एयरक्राफ्ट गन को ईराक की हेलीकॉप्‍टर फोर्स को निशाना बनाने के लिए प्रयोग कर रहा है। ISIS इस हथियार का प्रयोग विमानों के विरोध में करता है। ISIS इसका इस्तेमाल सोवियत विमानों को नष्ट करने के लिए कर रहा था। हेलीकॉप्टर गनशिप के खिलाफ क्रूर और प्रभावशाली है।

ईराकी केमिकल वेपंस
जुलाई में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक ISIS ने नॉर्थ बगदाद में मौजूद केमिकल वेपंस को हथिया लिया है। हाल ही में आई रिपोर्ट्स के मुताबिक ISIS कुर्दिश सेना के खिलाफ इनका प्रयोग कर रहा है। ISIS ने बगदाद के उत्तर में इराकी रासायनिक हथियारों को जब्त कर लिया था। ISIS रासायनिक हथियार कुर्द सैनिकों के खिलाफ इस्तेमाल करता है।

चीनी एचजे-8 
रिपोर्ट्स के मुताबिक ISIS संगठन चीन की एचजे-8 मिसाइल का तेजी से प्रयोग कर रहा है। इस हथियार को चीन ने 80 के शुरुआती दशक में विकसित किया था। इस हथियार का निशाना 90 प्रतिशत तक सटीक होता है। ISIS HJ-8 को एंटी टैंक मिसाइल के तौर पर इस्तेमाल करता है, HJ-8 1980 के दशक में बनाया गया एक चीनी हथियार है। कुछ हद तक बोझल, लेकिन आधुनिक।

 9 के स्‍ट्रेला-2/एसए-7 ग्रेल 
वाशिंगटन पोस्‍ट की खबर के मुताबिक ISIS के कई वीडियोज सामने आए हैं जिनमें फाइटर्स इसका प्रयोग कर रहे हैं। एसए-7 ग्रेल जमीन से हवा में मारने वाली मिसाइल है जिसे मैनपैड्स की ही तरह कंधे पर रखकर फायर किया जा सकता है। ISIS आतंकी अपने प्रचार वीडियों में SA-7 Strela के साथ देखें जाते हैं। यह हथियार कंधे पर रख कर सतह से हवा में मिसाइल दागने के काम आता है। 

 अमरीकी, इराकी एमवीज 
ISIS ने ईराक में मौजूद आर्मी बेस से हमवीज को तक अपने कब्‍जे में ले लिया है। हमवजी किसी भी तरह की रेगिस्‍तानी जगह पर आसानी से ड्राइव की जा सकती हैं। साथ ही यह व्‍हीकल कई तरह के हथियारों को रखने का सर्वश्रेष्‍ठ माध्‍यम भी है। टैंक और हथियारों के साथ-साथ आईएसआईएस आतंकियों ने इराकी ठिकानों से हमवीज भी कब्जें में लिए। रेगिस्तानी क्षेत्र में हमवीज की क्षमता उनके व्यापक उपयोग करने के लिए बेहतर है। यह हथियारों को लाने ले जाने में वाहन के रुप में भी काम आता।

एम198 हावित्‍जर 
जुलाई में बिजनेस इंसाइडर ने एक खबर दी थी कि ISIS ने 55 अमरीकी एम198 हावत्जिर्स को इराकी सेना ने हासिल कर लिया है। यह हथियार एक बार में 155 एमएम की फायरिंग तक कर सकता है और 50 मीटर के दायरे में मौजूद लोगों को मार सकता है। ISIS ने ईराकी सेना से 55 अमरीकी M198 होवित्जर तोपों को जब्त कर लिया था। यह हथियार 50 मीटर की त्रिज्या में 155mm के गोले फायर करने में सक्षम है।
 



यहाँ आप निःशुल्क रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, भारत मॅट्रिमोनी के लिए!