''चुनौतियों से निपटने को हिंद महासागर में अमरीका के साथ गश्त बढ़ाए भारत''

Saturday, November 11, 2017 10:30 PM
''चुनौतियों से निपटने को हिंद महासागर में अमरीका के साथ गश्त बढ़ाए भारत''

वॉशिंगटन: पड़ोसी देशों की सेनाओं के साथ संवाद कायम करने के लिए भारत को अग्रिम चौकियां स्थापित करनी चाहिए, विशेष बलों का गठन करना चाहिए और सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए हिंद महासागर में अमरीका के साथ संयुक्त समुद्री गश्त बढ़ानी चाहिए। चीन के साथ डोकलाम विवाद सामने आने के बाद अमरीका के एक थिंक टैंक ने यह सुझााव दिए।

वॉशिंगटन स्थित अटलांटिक काउंसिल के साउथ एशिया सेंटर ने अपनी रिपोर्ट द साइनो-इंडिया क्लैश ऐंड द न्यू जियोपोलिटिक्स ऑफ इंडो-पेसीफिक में कहा है कि भारत को साल में कम से कम एक बार भारत-अमरीका-चीन वार्ता का प्रस्ताव देना चाहिए। यह वार्ता जी20 या पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन की बैठकों से इतर भी हो सकती है। थिंक टैंक ने कहा कि चीन और भारत के बीच ठोस आर्थिक संबंध हैं और उनके समान हित हैं, खासकर इसलिए कि दोनों ही ब्रिक्स और जी20 देशों के समूह के सदस्य हैं। इसके बावजूद कानूनी क्षेत्रीय मुद्दे चीन की नियत को लेकर भारत के संदेह को बढ़ाते रहेंगे।

भरत गोपालस्वामी और रॉबर्ट एक मैनिग द्वारा तैयार की गई इस रिपोर्ट में कई सुझााव दिए गए हैं। इसमें कहा गया है कि बराबरी करने और काबू करने में अंतर है। डोकलाम में भारत और चीन के बीच 16 जून से अगले 73 दिन तक गतिरोध बना रहा था । इसकी वजह भारतीय सैनिकों द्वारा चीन की सेना को इलाके में सड़क निर्माण से रोकना था। इसमें सुझााव दिया गया कि भारत और अमरीका को हिंद महासागर में संयुक्त समुद्री गश्त बढ़ानी चाहिए। 



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