महिलाएं करेंगी ये काम, बुरे वक्त में भी हंसता-खेलता रहेगा परिवार

Wednesday, May 17, 2017 12:51 PM
महिलाएं करेंगी ये काम, बुरे वक्त में भी हंसता-खेलता रहेगा परिवार

एक किसान था। इस बार वह फसल कम होने की वजह से चिंतित था। घर में राशन 11 महीने चल सके उतना ही था। बाकी एक महीने के राशन का कहां से इंतजाम होगा यह चिन्ता उसे बार-बार सता रही थी। किसान की बहू का ध्यान जब इस ओर गया तो उसने पूछा? पिता जी आजकल आप किसी बात को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं। तब किसान ने अपनी चिन्ता का कारण बहू को बताया। 


किसान की बात सुनकर बहू ने उन्हें आश्वासन दिया कि वह किसी बात की चिन्ता न करें। उस एक महीने के लिए भी अनाज का इंतजाम हो जाएगा। जब पूरा वर्ष उनका आराम से निकल गया तब किसान ने पूछा कि आखिर ऐसा कैसे हुआ? 


बहू ने कहा, पिता जी जब से आपने मुझे राशन के बारे में बताया, तभी से मैं जब भी रसोई के लिए अनाज निकालती उसमें से एक-दो मुट्ठी हर रोज वापस कोठी में डाल देती। बस उसी की वजह से 12वें महीने का इंतजाम हो गया। 


इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि जीवन में बचत की आदत डालनी चाहिए ताकि किसान की तरह बुरे वक्त में जमा पूंजी काम आ सके।
 




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