बिना तुलना के बढ़ें सफलता की ओर तभी देख पाएंगे जीवन की सुंदरता

Tuesday, January 9, 2018 10:22 AM
बिना तुलना के बढ़ें सफलता की ओर तभी देख पाएंगे जीवन की सुंदरता

अपनी खामियों के बारे में चिंतत न रहो, बल्कि अपनी खूबियों का जश्न मनाओ। हर किसी में खामी होती है लेकिन उसके बावजूद बेहतर काम करने पर ध्यान होना चाहिए। छोटी या बड़ी जैसी भी भूमिका है, उसे दिल से करो और आप पाओगे कि छोटी जगह पर भी आपकी तारीफ होती है।


आजकल लोग यह सोचते हैं कि मैं जो चाहता हूं वह पा लूंगा तो मैं खुश हो जाऊंगा। लेकिन जब तक लोग अपनी मनचाही चीज हासिल करते हैं वे फिर से असंतुष्ट हो जाते हैं। दरअसल अगर व्यक्ति अपनी असंतुष्टि की वजह तलाशे तो पाएगा कि वह दूसरों से तुलना करता है और इसी कारण असंतुष्टि महसूस करता है।


जब व्यक्ति यह नहीं देख पाता कि उसके पास कितनी खूबसूरत चीजें हैं और वह भाग्यवान है तो वह दुखी होता है। उसे दुख नहीं, बल्कि खुशी मनाने की जरूरत है कि उसके भीतर बहुत-सी ऐसी बातें हैं जो उसे अच्छा महसूस करने का मौका देती हैं। एक सुंदर जापानी जेन कथा से इसे समझते हैं। एक समुराई एक दिन जेन गुरु के पास गया। गुरु के पास जो भी लोग आ रहे थे वे उनके चरणों में शीश नवा रहे थे। यह देखकर समुराई को लगा कि गुरु की बड़ी महत्ता है और वह उनकी तुलना में कितना छोटा है। गुरु जान गए कि समुराई अपनी ही नजरों में खुद को कमतर पा रहा है। उन्होंने उसे पास बुलाया और कहा कि उस चंद्रमा की तरफ देखो, वह धरती से कितनी दूर है और कितनी अद्भुत चमक बिखेर रहा है।


दूसरी तरफ उन्होंने एक गुलाब की तरफ इशारा करते हुए कहा कि अब इस गुलाब को देखो, यह धरती पर है और चंद्रमा से इसका अस्तित्व भी छोटा है लेकिन फिर भी यह अपना काम कर रहा है। यह खुशबू दे रहा है, जो सभी को लुभा रही है। दोनों का ही अपना-अपना महत्व है।


तात्पर्य यह कि लोग भले ही छोटा काम करें या बड़ा, लेकिन उनका महत्व होता है। हर किसी की अपनी खूबी होती है। तुलना का जीवन में कभी अंत नहीं है। आप तुलना किए बिना भी सफलता पा सकते हैं। बिना तुलना के जो लोग सफलता की तरफ बढ़ते हैं, वही जीवन की सुंदरता को देख पाते हैं।



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