क्या आप जानते हैं मंदिर में घंटी बजाने का वैज्ञानिक, पौराणिक व धार्मिक कारण?

Tuesday, February 13, 2018 4:54 PM
क्या आप जानते हैं मंदिर में घंटी बजाने का वैज्ञानिक, पौराणिक व धार्मिक कारण?

अक्सर मंदिरों में देखा जाता है कि, मंदिर में प्रवेश करने से पूर्व बाहर लगी घंटी बजाई जाती है। लोक मान्यता अनुसार एेसा कहा जाता है कि एेसा करने से भगवान तक मनुष्य की प्रार्थना शीघ्र पहुंचती है। यह घंटियां न केवल मंदिर के बाहर बल्कि इसके अंदर लगे वृक्षों, प्रतिमाओं के समीप भी लगी होती हैं। लोग देखो-देखी इस रिवाज को अपनाने तो लग जाते है, लेकिन इसके पीछे का असल कारण व मान्यता जानने की कोशिश नहीं करते। तो आईए आज हम आपको बताते हैं कि इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण क्या है। 


वैज्ञानिक कारण
वैज्ञानिकों का ये मानना है कि घंटी बजाने से कंपन पैदा होता है, जिस वजह से उस जगह पर मौजूद विषाणु भाग जाते हैं और सकारात्मक शक्ति बनी रहती है। इसी वजह से आस-पास का वातारण शुद्ध हो जाता है। आपको बता दें इस वजह से ही आज कल लोगों ने अपने घरों के दरवाजों और खिड़कियों पर घंटियां और विंड चाइम्स लगाने शुरू कर दिए हैं। ताकि इसके शोर से घर के पास से भी विषाणु दूर रहें, घर शुद्ध रहे और कोई भी बुरी शक्ति अंदर प्रवेश न कर सके। 


पौराणिक कारण
वहीं, एक पौराणिक कथा के अनुसार जब इस संसार का प्रारंभ हुआ था, तब जो नाद (आवाज) गूंजी थी वही नाद घंटी बजाने पर भी आती है। इसीलिए घंटी को उसी नाद का प्रतीक माना जाता है। जिस कारण घंटी बजाने की प्रथा बनी।
 

धार्मिक कारण 
इसी के साथ धार्मिक मान्यता के अनुसार घंटी बजाने से मंदिर में स्थापित देवी-देवताओं की मूर्तियों में चेतना जागृत होती है जिसके बाद उनकी पूजा ज्यादा फलदायक और प्रभावशाली बन जाती है।



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