मृत्यु के बाद क्या होगा आपके साथ, देखने के लिए करें नर्क मंदिर की यात्रा

Wednesday, March 1, 2017 1:09 PM
मृत्यु के बाद क्या होगा आपके साथ, देखने के लिए करें नर्क मंदिर की यात्रा

मंदिर एक ऐसा पवित्र स्थान है, जहां पहुंच कर मन को असीम शांति का अनुभव होता है। वैसे तो दुनियां में कई ऐसे मंदिर हैं, जो अपनी खास मान्यताओं के कारण प्रसिद्ध हैं। आज जिस देव स्थान की बात करने जा रहे है उसका नाम है नर्क मंदिर। यह मंदिर दक्षिण-पूर्वी एशिया के थाईलैंड की राजधानी बैंकाक से लगभग 700 किलोमीटर दूर चियांग माइ शहर में बना है। इस मंदिर को वैट मे कैट नोई टेम्पल भी कहा जाता है। वैसे तो लोग मंदिर में देवी-देवताओं के दर्शन के लिए आते हैं लेकिन इस मंदिर में लोग नरक देखने आते हैं। 

 
जी हां, इस मंदिर में बनी प्रतिमाएं देवी-देवताओं को नहीं बल्कि मृत्यु के बाद आत्मा द्वारा पापों के लिए मिलने वाली पीड़ाओं का दृश्य दिखाती हैं। यह मंदिर सनातन और बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए बनाया गया है।  इस मंदिर को बनाने का मूल विचार एक बौद्ध भिक्षु प्रा क्रू विशानजालिकॉन का था। इस स्थल पर सभ्यता और संस्कृति का काफी प्रभाव देखने को मिलता है। चियांग माइ शहर में लगभग 300 मंदिर हैं, जिनमें से यह नर्क मंदिर अपना खास स्थान बनाए हुए है। 

 
इस मंदिर को बनाने के पीछे बौद्ध भिक्षुओं का मकसद लोगों को यह बताना था कि पाप करने या किसी को दुख पहुंचाने का परिणाम घातक सिद्ध होता है। यहां पर बनी प्रतिमाएं नर्क का अहसास करवाती हैं। यहां बताया जाता है कि मरने के बाद आत्मा को किस तरह नर्क में कष्ट भोगने पड़ते हैं। देश-विदेश से लोग यहां अपने पापों का प्रायश्चित करने के लिए आते हैं। जनमानस का मानना है कि जो यहां आकर दर्शन कर लेता है, वह अपने सभी पापों का प्रायश्चित कर लेता है। 




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