जीवन में चाहते हैं सुख व समृद्धि, रखें इन बातों का ध्यान

Sunday, October 22, 2017 11:08 AM
जीवन में चाहते हैं सुख व समृद्धि, रखें इन बातों का ध्यान


जीवन को सुखी व समृद्ध बनाने में वास्तुशास्त्र का अहम योगदान है। इसमें बताई गई हिदायतें अंधविश्वास न होकर पूरी तरह से वैज्ञानिक तर्कों पर आधारित हैं। आज चाहे आधुनिक पीढ़ी जितनी भी मॉडर्न हो गई है, वास्तु नियमों को नजरअंदाज नहीं कर सकती। सफलता के लिए इसके सिद्धातों को अपनाना बहुत जरूरी है। जीवन में सुख व समृद्धि का वास सदा बनाए रखना चाहते हैं तो कुछ कार्य ऐसे हैं जो दैनिक जीवन में करते रहना चाहिए।


सुबह उठ कर धरती पर पैर रखने से पूर्व धरती मां को प्रणाम करें और बिस्तर से उठते समय दोनों पैर जमीन पर एक साथ रखें।


नित्य सूर्योदय से पूर्व ब्रह्मा मुहूर्त अर्थात तारों की छाया में स्नान करना चाहिए। इस समय स्नान करने से अनेकों परेशानियों व ग्रहों के दुष्प्रभावों से मुक्ति मिलती है। स्नान करने के बाद स्नानघर को कभी गंदा नहीं छोड़ना चाहिए अन्यथा आर्थिक अभावों से गुजरना पड़ता है।


प्रतिदिन उगते हुए सूर्य का दर्शन करने से जीवन में आने वाली बहुत सारी परेशानियों से बचा जा सकता है। 


घर के आंगन में तुलसी का पौधा लगाना चाहिए। प्रतिदिन इसका पूजन करने से घर में सुख-शांति का वातावरण बना रहता है।


घर में स्वच्छता का खास ख्याल रखें, जिस स्थान पर गंदगी होती है वहां नकारात्मकता हावी रहती है और अलक्ष्मी अपना बसेरा बसा लेती है।


पारिवारिक सदस्यों को भोजन देने से पहले देवी-देवताओं को भोग लगाएं। इससे देवी-देवता प्रसन्न होते हैं और घर में भी सुख-शांति बनी रहती है। 


राहू काल में किसी भी कार्य को शुरू न करें, काम के पूर्ण होने में संदेह बना रहता है।

 

हर कार्य की शुरूआत से पूर्व विनायक पूजा करनी चाहिए, जिस से जीवन में आने वाली शत्रु बाधा दूर होती है और हर कार्य बिना किसी विध्न के समाप्त होता है। 

 

श्रीयंत्र, पारद शिवलिंग, गणपति और शंख को घर या दुकान आदि में स्थापित कर पूजन करने से घर का भण्डार भरा-पूरा रहता है।

 

तिजोरी के सामने एक दर्पण लगाने से आपके धन में दो गुना ज्यादा वृद्धि होगी।

 

घर का उत्तर-पूर्वी इलाका वास्तु के अनुसार बहुत पवित्र माना जाता है। इस स्थान को हमेशा साफ-सुथरा और रोशनी युक्त रखें। इस क्षेत्र में सीड़ियों का निर्माण कतई न करें।

 

सूर्यास्त के बाद महिलाओं कोे बाल नहीं बनाने चाहिए, इससे अशुभता हावी होती है।



यहाँ आप निःशुल्क रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, भारत मॅट्रिमोनी के लिए!