विदुरनीति: मनुष्य जीवन का सबसे बड़ा सुख मानी जाती हैं ये चीजें, करें इन पर अमल

Monday, May 15, 2017 10:59 AM
विदुरनीति: मनुष्य जीवन का सबसे बड़ा सुख मानी जाती हैं ये चीजें, करें इन पर अमल

विदुर हस्तिनापुर राज्‍य के शीर्ष स्‍तंभों में से एक अत्‍यंत नीतिपूर्ण, न्‍यायोचित सलाह देने वाले माने गए है। उनकी नीतियां जितनी उस समय में उपयोगी थी, उतनी ही आज भी हैं। अगर इन नीतियों में अमल किया जाए तो व्यक्ति की हर परेशानियों का हल निकल सकता है। विदुर ने ऐसी बातों के बारे में बताया है जिन पर अमल करने से व्यक्ति सुखी रह सकता है।

आरोग्यामानृण्यमविप्रवासः सद्धिर्मनुष्यैः सह स्मप्रयोगः।
स्वप्रत्यया वृत्तिरभीतवासः षड् जीवनलोकस्य सुखानि राजन्।।

निरोग रहना

विदुर नीति के अनुसार जो व्यक्ति अधिकतर समय बीमार रहता है, उसको कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। रोगी व्यक्ति कोई भी कार्य ठीक से नहीं कर पाता। जिसके कारण उसे धन संबंधी परेशानियां झेलनी पड़ती है इसलिए रोगों से मुक्त रहना सबसे बड़ा सुख होता है।   

किसी से उधार न लें
व्यक्ति को अपनी आय के अनुसार खर्च करना चाहिए। कई लोग अपनी इच्छाअों की पूर्ति के लिए दूसरों से उधार लेते हैं। उधार लेकर पाई गई सुविधाएं कभी भी व्यक्ति को सुख का अनुभव नहीं कर पाते। कई बार उधार न छुकाने पर अपने साथ-साथ पारिवारिक सदस्यों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जो लोग अपनी आय अनुसार खर्च करते हैं उनका जीवन बहुत सुखी होता है।

अपने देश में रहना
कुछ लोग कई कारणों से अपना देश छोड़कर किसी अोर देश में रहने लगते हैं। लेकिन व्यक्ति को जो सुख अपने देश में रहने से मिलता है, वह अन्य जगहों पर रहने से नहीं मिल सकता। जो लोग अपना पूरा जीवन अपने देश अौर लोगों के मध्य बिताता है वह सुखी जीवन व्यतीत करता है। 

निडर होकर करें जीवन यापन
हर व्यक्ति को निडर होकर जीवन जीना चाहिए। जिस व्यक्ति की अपने से शक्तिशाली से शत्रुता होती है, वह पूरा समय उसी दुश्मन के बारे में सोचता रहता है। शत्रु उसे या उसके परिवार को नुक्सान न पहुंचा दें इस डर से जीने वाला व्यक्ति जीवन का पूरा आनंद नहीं ले पाता। इसके विपरीत जो व्यक्ति निडर होकर जीवन यापन करता है, वह सदैव सुखी रहता है। 

अच्छे लोगों की संगति करें
व्यक्ति को सदैव अच्छे लोगों की संगति करनी चाहिए। लोगों पर उनकी संगति का भी प्रभाव पड़ता है। जो व्यक्ति अच्छे अौर विद्वान लोगों की संगति में समय व्यतीत करता है, वह सुखी रहता है। कुसंगत लोगों की संगति करने वाले व्यक्ति को आगे चलकर परेशानियों का सामना करना पड़ता है।  

किसी पर निर्भर न रहें
जो व्यक्ति अपना अौर अपने परिवार का पालन-पोषण करने के योग्य होता है। वह बहुत सुखी होता है। कुछ लोग अपनी जीवन चलाने के लिए दूसरों पर निर्भर रहते हैं। इस प्रकार के लोगों का न तो कोई स्वाभिमान अौर न ही दूसरों की नजर में सम्मान होता है। व्यक्ति को दूसरों पर निर्भर न होकर अपना अौर अपने परिवार का पालन करने के योग्य होना चाहिए। 




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