Thursday को इस पूजा से केवल धन ही नहीं नाम और यश भी मिलेगा

Wednesday, April 19, 2017 8:33 AM
Thursday को इस पूजा से केवल धन ही नहीं नाम और यश भी मिलेगा

घर में समृद्धि के लिए केले के पेड़ की पूजा करना शुभ होता है। इसे भवन के ईशान कोण में लगाना चाहिए, क्योंकि यह बृहस्पति ग्रह का प्रतिनिधि वृक्ष है। केले के समीप यदि तुलसी का पेड़ भी लगा लें तो अधिक शुभकारी रहेगा। गुरुवार को केले के वृक्ष के नीचे या देवालय में केल के पत्तों के बीच एक चौकी पर पीला वस्त्र बिछाकर बृहस्पति देव व श्रीविष्णु की मूर्ति स्थापित करें। पीली गाय के दूध से इन्हें स्नान कराएं। पीले फूल, पीला चंदन, गुड़, चने की दाल, पीले वस्त्र दोनों देवताओं को अर्पित करें। भोग में पीले पकवान या पीले फल अर्पित करें। पूजा के बाद नीचे लिखे विष्णु मंत्रों का ध्यान कर विवाह, धन, सुख की कामना करें। इनकी पूजा से केवल धन ही नहीं, बल्कि नाम, यश भी मिलेगा।


श्रीनिवासाय देवाय नम: श्रीपतये नम:।
श्रीधराय सशाङ्र्गाय श्रीप्रदाय नमो नम:।।
श्रीवल्लभाय शान्ताय श्रीमते च नमो नम:।
श्रीपर्वतनिवासाय नम: श्रेयस्कराय च।।
श्रेयसां पतये चैव ह्याश्रयाय नमो नम:।
नम: श्रेय:स्वरूपाय श्रीकराय नमो नम:।।
शरण्याय वरेण्याय नमो भूयो नमो नम:।
स्त्रोत्रं कृत्वा नमस्मृत्य देवदेवं विसर्जयेत्।।
इति रुद्र समाख्याता पूजा विष्णोर्महात्मन:।
य: करोति महाभक्त्या स याति परमं पदम्।।


गुरु का दान- घी, शहद, हल्दी, पीले वस्त्र, शास्त्र पुस्तक, पुखराज, लवण, कन्याओं को भोजन, वृद्धजन, विद्वान एवं गुरूओं की सेवा करें।

गुरु का व्रत- 1 या 3 वर्ष अथवा 16 गुरूवार व्रत रखें।

गुरु की पूजा- गुरूवार को केले के वृक्ष के दर्शन करें तथा पूजा करके हल्दी एवं सरसों मिलाकर जल प्रदान करें।

गुरूवार के दिन ध्यान रखें- जब गुरू अकारक हो तो स्वयं गुरूवार को केला नहीं खाएं, बल्कि केले के फल का दान दें।



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