जिनको भी धनवान बनना है, वह ले सकते हैं ऐसी भूमि, मकान या प्लाट

Friday, May 12, 2017 11:44 AM
जिनको भी धनवान बनना है, वह ले सकते हैं ऐसी भूमि, मकान या प्लाट

शास्त्रों में भूमि के आकार पर काफी प्रकाश डाला गया है सबके स्वभाव व गुण अलग-अलग हैं। कुछ भूमि तो ऐसी आकार की होती है, जिसको लेने के बाद दुख, चिंता व परेशानी हमेशा के लिए हमारे जीवन में आ जाते हैं। इसका भी अनुभव काफी लोग ले चुके हैं। समझदार और बुद्धिमान वही व्यक्ति है जो दूसरों के अनुभव से ही कुछ सीख ले। कुछ भूमि तो ऐसी आकार की है जिनको खरीदने मात्र से सुख, धन आरोग्यता की प्राप्ति होती चली जाती है। जिसने आकार को समझा उसने घटना के बीज के प्रकार को समझा। जैसा भूमि का आकार होगा वैसा ही जीवन के घटना का प्रकार होगा। यह बहुत ही सूक्ष्म रहस्य है। 


आज हम आयताकार भूमि की बात करेंगे। इस भूमि को चंद्रवेधी भूमि कहा जाता है। इस भूमि में शीतलता अधिक होती है। रहने के लिए अति शुभ व शांति प्रदान करता है। चंद्रवेधी, मकान, भूमि या प्लाट चंद्रमा से ही जुड़ा होता है। जैसे सूर्य दिन में निकलते हैं, मध्य दोपहर में उनका स्वरूप अग्रि ज्वाला दाह के रूप में होता है। किसी को भी धूप में चलना पसंद नहीं होता क्योंकि काफी गर्मी होने के कारण शरीर गर्म होकर तपने लगता है। हमारे शरीर में धूप की वजह से मन भी विचलित हो उठता है।


ठीक इसके विपरीत चंद्रमा रात्रि को आते हैं और उनका प्रभाव शीतल होता है, आपने सुना तो होगा चांदनी रात। इसी प्रकार से चंद्रवेधी मकान हमारे जीवन में शीतलता, शांति, सुख व धनवान बनाता है। इतना वैज्ञानिक वास्तुशास्त्र है हमारा। जब भी आपको भूमि का चयन करना हो तो चंद्रवेधी का करना ही बुद्धिमानी होगी। चंद्रवेधी मकान भगवान कृष्ण से भी जुड़ा हुआ है और भगवान कृष्ण चंद्रमा की सोलह कलाओं से भी युक्त हैं और उनका जन्म भी जब चंद्रदेव आते हैं ठीक रात्रि में बारह बजे हुआ था। इतना महत्वपूर्ण व रहस्यमय वास्तुशास्त्र है। चंद्रवेधी मकान का जिक्र शास्त्रों में दिया हुआ है जिनको भी सुख, शांति व धनवान बनना है, चंद्रवेधी भूमि या मकान या प्लाट ले सकते हैं। यह चंद्रवेधी भूमि उत्तर से दक्षिण की ओर लम्बी होती है। वह भूमि आपको जीवन की मनोकामना पूर्ण करने वाली भूमि है।



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