पीले वस्त्र में बांधकर मुख्य द्वार पर लटकाएं यह चीज, लक्ष्मी मां की होगी अपार कृपा

Monday, February 5, 2018 4:30 PM
पीले वस्त्र में बांधकर मुख्य द्वार पर लटकाएं यह चीज, लक्ष्मी मां की होगी अपार कृपा

धर्मशास्त्र अर्थात वह ग्रंथ, जिसमें समाज के शासन के निमित्त नीति और सदाचार संबंधी नियम दिए गए हैं। इसमें मानव जीवन से संबंधित एेसी कई बातें बताई हैं जो मनुष्य के जीवन में अधिक महत्व रखती है और उसकी जीवनी पर गहरा प्रभाव डालती हैं। इनमें से कुछ बातें इतनी साधारण है कि हर व्यक्ति इन पर अमल कर सकता है और सुख-समृद्धि पा सकता है। तो आईए आपको बताएं इन साधारण नियमों के बारे में जिनको ध्यान में रखने से लक्ष्मी जी की अपार कृपा होती है। 


किसी भी देव पूजा में परिक्रमा एक विशेष अंग माना जाता है। लेकिन ज्यादतार लोंगो को इसके बारे में पता नहीं होता कि किस देव की कितनी परिक्रमा करनी चाहिए। इसलिए ध्यान रखें कि विष्णु भगवान की 4 बार, शंकर जी की आधी, सूर्य की 7 बार, गणेश जी की 3 बार परिक्रमा करनी अनिवार्य होती है।

घर में भोजन बनाने के बाद सबसे पहले भगवान को भोग लगाकर खाने से उसके समस्त दोष-त्रुटियां समाप्त हो जाते हैं। 


भोजन सदा पूर्व या उत्तर की ओर मुंह करके ग्रहण करना चाहिए। पश्चिम या दक्षिण की ओर मुंह करके भोजन कभी नहीं करना चाहिए, इससे भोजन प्रदूषित होता है व रोग का कारण बनात है। 


घर का प्रवेश द्वार कभी बाहर की ओर नहीं खुलना चाहिए, न ही घर के आगे कोई वृक्ष या खंभा, जैनरेटर, ट्रांसफार्मर होना चाहिए। 


मुख्यद्वार पर कभी काला पेंट नहीं करवाना चाहिए। गेट दक्षिण दिशा में हो तो मैरून रंग, उत्तर दिशा में हल्का हरा, पूर्व में सफेद या मोतिया, पश्चिम में हल्का नीला करवाना चाहिए, मुख्य द्वार के पास झाड़ू, डस्टबिन, डरावने फोटो भी नहीं होने चाहिएं। 


घर के द्वार पर केसरी रंग का स्वास्तिक या गणेश जी की फोटो लगानी चाहिए। 7-9 घुंघरू लाल रंग की मौली में पिरो कर मुख्य द्वार के मध्य में और 7 गोमती चक्र पीले वस्त्र में बांध कर लटकाने चाहिएं। इससे मां लक्ष्मी अति प्रसन्न होकर खूब भंडारे भरती हैं।


प्रतिदिन घर का मुख्य द्वार सुबह-सुबह खुद धोना चाहिए। इससे परिवार में लक्ष्मी वृद्धि और निरोगता रहती है।


घर के सभी फर्श नमक मिले या फिटकरी मिले पानी से धोने चाहिएं या पोंछा लगाना चाहिए। सीढ़ी कभी भी दक्षिण, पश्चिम की दिशा में नहीं खत्म होनी चाहिए।


घर के सभी दरवाजे, खिड़कियां, प्रात: सूर्योदय के समय खोल देने चाहिएं, हवा घर में घूमे, कॉस्मिक किरणों का घर में प्रचुर प्रवेश हो।



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