पारंपरिक नुस्खे, पूर्वज दिखा गए हैं रास्ता

Saturday, March 11, 2017 3:16 PM
पारंपरिक नुस्खे, पूर्वज दिखा गए हैं रास्ता

कुछ पारंपरिक नुस्खे हम अपने पूर्वजों से सुनते आ रहे हैं। उनमें से कुछ इस प्रकार हैं : अगर किसी मानसिक कलह, तनाव या परेशानी से जूझ रहे हैं तो शुक्रवार के दिन मां कालिका के मंदिर में जाकर उनसे अपने किए हुए सभी जाने-अनजाने पापों की क्षमा मांग लें और फिर कभी कोई बुरा कार्य नहीं करने का वायदा कर लें। ऐसा कम से कम 5 शुक्रवार करें।


यदि आप संकटों से जूझ रहे हैं। बार-बार एक के बाद एक किसी न किसी संकट से आप घिर जाते हैं तो किसी की शवयात्रा में श्मशान से लौटते वक्त कुछ सिक्के पीछे फैंकते हुए लौट जाएं।


वृक्ष, चींटी, पक्षी, गाय, कुत्ता, कौवा, अशक्त मनुष्य आदि प्राणियों में अन्न-जल की व्यवस्था करने से इनकी हर तरह से दुआ मिलती है। इसे वेदों के पंचयज्ञ में से एक ‘वैश्वदेव यज्ञकर्म’ कहा गया है। यह सबसे बड़ा पुण्य माना गया है। कछुओं और मछलियों को नित्य आटे की गोलियां खिलाएं और चीटियों को भुने हुए आटे में बूरा मिलाकर बनाई पंजीरी खिलाएं।


प्रतिदिन कौवे या पक्षियों को दाना डालने से और रोटी देने से पितृ तृप्त होते हैं।


प्रतिदिन चींटियों को दाना डालने से कर्ज और संकट से मुक्ति मिलती है।

 

प्रतिदिन कुत्ते को रोटी खिलाने से आकस्मिक संकट दूर रहते हैं।

 

प्रतिदिन गाय को रोटी खिलाने से आर्थिक संकट दूर होता है।

 

रोज पक्षियों को दाना डालें।




विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में निःशुल्क रजिस्टर करें !