चण्डी माता को छोड़ मनुष्य स्त्री को क्यों प्रणाम करने लगे लोग, जानिए कौन थी वह महिला

Saturday, May 6, 2017 10:13 AM
चण्डी माता को छोड़ मनुष्य स्त्री को क्यों प्रणाम करने लगे लोग, जानिए कौन थी वह महिला

भगवान श्री नित्यानन्द प्रभु जी की शक्ति श्रीमती जाह्नवा देवी जी एक बार श्रीकृष्ण-नाम प्रचार के लिए वृन्दावन यात्रा पर गई। मार्ग में एक गांव में रुकीं। वहां के निवासी वैष्णवों को अच्छा नहीं समझते थे। आपको आया देख, सज्जन लोगों ने तो आपका स्वागत किया, किंतु पाषंडी लोगों ने आपका उपहास भी किया। वे कहने लगे,"अरे देखो! ये लोग, चण्डी माता को छोड़ मनुष्य स्त्री को प्रणाम कर रहे हैं।"
 

उस दिन जब वे लोग चण्डी माता की पूजा करने गए तो प्रार्थना करने लगे, "हे मां! आज उन दुष्टों को मार दो। वे आपके अपराधी हैं।" 


रात्री में माता ने उनको स्वप्न में दर्शन दिए व कहा,"अहंकार के नशे में भक्तों की निंदा न करो। जिनको तुम मनुष्य कह रहे हो, वे तो श्रीबलराम के अवतार श्रीनित्यानन्द जी की शक्ति हैं। उनका नाम श्रीमती जाह्नवा ईश्वरी है। उनका नाम लेने मात्र से ही भव-भय दूर हो जाते हैं। वे तो करुणा की मूर्ति हैं। सभी को मेरे प्रभु की भक्ति प्रदान करती हैं। उनके गुण्गान से त्रिताप की ज्वाला शांत हो जाती है तुरन्त जाकर उनकी शरण लो, अन्यथा मुझे तुम लोगों का वध करना पड़ेगा।" 


सभी एक दम से हड़बड़ा कर उठ बैठे। सुबह होते ही वैष्णव-शिविर की ओर भागे और श्रीमती जाह्नवा देवी के शरणागत हो गए। श्रीमती जाह्नवा देवी तो जानी-जान हैं। उन्होंने उन सब पर कृपा करके उनको भगवान श्रीकृष्ण के भक्ति रस में डुबो दिया।


श्री चैतन्य गौड़िया मठ की ओर से
श्री भक्ति विचार विष्णु जी महाराज
bhakti.vichar.vishnu@gmail.com



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