मंगला गौरी कल: वैवाहिक जीवन में आ रही समस्याएं होंगी शांत, जानें पूजन मुहूर्त

Monday, January 8, 2018 11:43 AM
मंगला गौरी कल: वैवाहिक जीवन में आ रही समस्याएं होंगी शांत, जानें पूजन मुहूर्त

मंगलवार दि॰ 09.01.18 को माघ कृष्ण अष्टमी को चित्रा नक्षत्र के कारण बन रहे सुकर्मा योग के कारण देवी मंगला गौरी का पूजन करना श्रेष्ठ रहेगा। देवी मंगला मूल आद्य शक्ति गौरी का ही मंगल स्वरूप है अर्थात इस स्वरूप में गौरी अपने भक्तों का शुभ ही करती है, गौरी का यह मंगलकारी स्वरूप सिंदूरी आभा लिए हुए है। देवी मंगलागौरी के स्वरूप का संबंध मंगल ग्रह व स्त्री के अखंड सौभाग्य से है अर्थात स्त्री के सदा सुहागन बने रहने से है। शास्त्रनुसार मंगलगौरी शक्तिपीठ का उद्गमन भी देवी सती के अंग गिरने से हुआ था, मान्यतानुसार यह 18वीं शक्ति पीठ देवी सती के वक्ष गिरने से बनी थी। शस्त्रनुसार देवी मंगला गौरी के पूजन का संबंध व्यक्ति के विवाह सुख, देहिक सुख, रूप और सौन्दर्य से है। मंगला गौरी का पूजन मूलतः शिवालय में किया जाता अथवा घर में गौरी शंकर के चित्र पर भी किया जाता है। इनके विधिवत पूजन से सुहागिनों को अखंड सौभाग्य मिलता है, व्यक्ति के वैवाहिक सुख में बढ़ोतरी होती है तथा व्यक्ति हे रूप-सौन्दर्य में निखार आता है।

 

पूजन विधि: घर की दक्षिण दिशा में लाल कपड़ा बिछाकर देवी मंगलागौरी का चित्र स्थापित कर दशोपचार पूजन करें। आटे से बने दिए में 16 बत्ती डालकर षोडशमुखी दीपक करें, गुगल से धूप करें, लाल फूल चढ़ाएं तथा 16 शृंगार की वस्तुएं चढ़ाएं तथा इमरती का भोग लगाकर लाल चंदन की माला से 108 बार इस विशिष्ट मंत्र को जपें। पूजन की सारी सामाग्री किसी सुहागन को भेंट करें।


पूजन मुहूर्त: प्रातः 10:50 से दिन 11:50 तक। 
पूजन मंत्र: ह्रीं मंगले गौरि नमोऽस्तु ते॥


उपाय
वैवाहिक सुख में बढ़ोतरी हेतु मंगलागौरी पर चढ़ा चमेली का इत्र नित्य बेडरूम में छिड़कें।


अखंड सौभाग्य प्राप्त करने हेतु देवी मंगलागौरी पर चढ़ा सिंदूर नित्य प्रयोग करें।


रूप-सौन्दर्य में निखार हेतु देवी मंगलागौरी पर चढ़ा लाल चंदन नित्य चेहरे पर लगाएं।

आचार्य कमल नंदलाल
ईमेल: kamal.nandlal@gmail.com



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