महात्मा विदुर ने बताया, कैसे लें स्वर्ग सुख और कुबेर के खजाने का आनंद

Saturday, December 23, 2017 2:51 PM
महात्मा विदुर ने बताया, कैसे लें स्वर्ग सुख और कुबेर के खजाने का आनंद

हर मनुष्य के जीवन में सुख और दुख आते-जाते रहते हैं इसलिए कहा जाता है कि कोई भी मनुष्य कभी भी पूर्ण सुखी नहीं होता। कोई न कोई कमी हर मनुष्य के जीवन में जरूर रहती है लेकिन महाभारत के एक प्रसंग में महात्मा विदुर ने कुछ ऐसी चीजें बताई हैं जो अगर किसी इंसान के पास हों तो वह कभी दुखी नहीं होता और वह सबसे बड़ा किस्मत वाला होता है। धरती पर रहकर भी वो भोगता है स्वर्ग के सुख और लेता है कुबेर के खजाने का आनंद। महाभारत के उद्योग पर्व में महात्मा विदुर ने इस लोक में 6 प्रकार के सुख गिनाए हैं, जो इस प्रकार हैं। आप भी इन्हें करें अपने जीवन में शामिल- 
 

धन: सुखी जीवन के लिए धन का होना बहुत आवश्यक है। बिना धन के न सम्मान मिलता है और न ही यश। परिवार के पालन-पोषण के लिए भी धन का होना बहुत जरूरी है। जीवन में धन की आवश्यकता सबसे अधिक बुढ़ापे में ही होती है।
 

निरोगी शरीर: जीवन में सदैव सुखी रहने के लिए शरीर का तंदुरुस्त होना बहुत जरूरी है। अगर शरीर में कोई रोग होगा तो आप न ठीक से खा सकते हैं न पी सकते हैं। 
 

सुंदर पत्नी, वह भी मीठा बोलने वाली : महाभारत में महात्मा विदुर ने सुंदर पत्नी को तीसरा और यदि वह मीठा बोलने वाली है तो उसे जीवन का चौथा सुख बताया है। यह इसलिए कि पत्नी सुंदर होगी तो आपका मन बाहर की ओर नहीं भटकेगा और इस स्थिति में किए जाने वाले पापों से आप बच जाएंगे। 
 

पुत्र का आज्ञाकारी होना: संतान यदि गलत रास्ते पर निकल जाए तो माता-पिता को ही इसके लिए दोषी माना जाता है और यदि संतान विद्वान होने पर भी माता-पिता के वश में न हो तो भी सबसे ज्यादा दुख उन्हें ही होता है।
 

धन पैदा करने वाली विद्या का ज्ञान: पैसा तो आता-जाता रहता है, इसकी प्रकृति ही ऐसी होती है। कई बार ऐसा भी देखने में आता है कि कोई व्यक्ति कभी धनवान होता है तो कुछ दिनों बाद पैसे-पैसे के लिए मोहताज हो जाता है। ऐसा उन लोगों के साथ होता है जिनके पास अपना पैतृक धन होता है और वे इसे अनियमित रूप से खर्च करते हैं।



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