जीवन में रखें इस बात का ध्यान, भयंकर हानियों से मिलेगी मुक्ति

Sunday, March 5, 2017 1:00 PM
जीवन में रखें इस बात का ध्यान, भयंकर हानियों से मिलेगी मुक्ति

अमरीका के प्रथम राष्ट्रपति जॉर्ज वाशिंगटन ने एक बार कुछ मेहमानों को दोपहर के भोजन के लिए आमंत्रित किया। भोजन के बाद उन्हें सैनिक कमांडरों की एक आवश्यक बैठक में भाग लेना था। उनका नौकर जानता था कि जॉर्ज साहिब समय की नियमितता को कितनी दृढ़ता से निभाते हैं इसलिए ठीक समय पर उन्हें सूचना दी गई कि भोजन लग चुका है, पर अभी तक मेहमान नहीं आए हैं। 

 

वह भोजन कक्ष में आए और कहा, ‘‘बाकी प्लेटें उठा लो, हम अकेले ही भोजन करेंगे।’’ 

 

उन्होंने मेहमानों के आने की प्रतीक्षा किए बगैर भोजन करना शुरू कर दिया। जब वह आधा भोजन कर चुके तब मेहमान पहुंचे। मेहमानों की प्लेटें लगाई गईं। पर वाशिंगटन ने अपना भोजन समाप्त किया और निश्चित समय पर विदा लेकर उस बैठक में शामिल होने चले गए। सैनिक कमांडरों की बैठक में पहुंचने पर पता चला कि अमरीका के एक भाग में भयंकर विद्रोह हो गया है। उनके समय पर पहुंच जाने के कारण तत्काल आवश्यक आदेश जारी किए गए और सभी पहलुओं पर विचार करते हुए हालात संभालने के उपाय किए गए। इस तरह एक बहुत बड़ी जन-धन की हानि होने से बचना संभव हो सका। 

 

इस बात का पता कुछ समय बाद उन मेहमानों को चला तो उन्हें आत्मग्लानि हुई। उन्होंने अनुभव किया कि प्रत्येक काम को निश्चित समय पर करने से भयंकर हानियों को रोका जा सकता है और जीवन को सुचारू ढंग से चलाया जा सकता है। यही सोच कर वह फिर से राष्ट्रपति के घर गए और उनसे उस दिन हुई भूल के लिए क्षमा मांगी। 

 

राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘इसमें क्षमा जैसी कोई बात नहीं है, पर जिन्हें अपने जीवन की व्यवस्था, परिवार, समाज और देश की उन्नति का ध्यान हो, उन्हें समय का कड़ाई से पालन करना चाहिए।’’
 



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